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इब्रानियों के लिए पौलुस का पत्र।(Hebrews) पहला अध्याय।  १ ईश्वर, जो विविध समयों में और विभिन्न प्रकारों से पैग़म्बरों के माध्यम से बीते कालों में पित्रों से बोले थे, २ इन्हीं अंतिम दिनो में हम से अपने पुत्र के माध्यम से बोल चुके हैं, जिन्हें उन्होंने सभी वस्तुओं पर उत्तराधिकारी नियुक्त कर दिया है, जिन्हीं के माध्यम से उन्होंने संसारों को भी निर्मित किया;   ३ जो उन्हीं की महिमा की उज्ज्वलता, और उन्हीं के व्यक्तित्व की यथार्थ छाप होते हुए, और सभी वस्तुओं को अपनी ही शक्ती के शब्द द्वारा सम्भालते हुए, जब उन्होंने अपने स्वयं से ही हमारे पापों का शुद्धीकरण कर दिया था, उन उच्च राज-प्रताप के दाहिने हाथ पर विराजमान हो गए; ४ दूतों से भी इतने श्रेष्ठतर बना दिए गए, जिस प्रकार वो उत्तराधिकार द्वारा उनसे भी अधिक सर्वश्रेष्ठ एक नाम प्राप्त कर चुके हैं। ५ चूँकि दूतों में से किस से उन्होंने किसी भी समय कहा, तुम मेरे पुत्र हो, इसी दिन मैंने तुम्हें जनना है? और पुनः, मैं उसके प्रति एक पिता बनूँगा, और वो मेरे प्रति एक पुत्र बनेगा? ६ और पुनः, जब वो उन प्रथम जनने को संसार में लाते हैं, वो कहते...