राजाओं की प्रथम पुस्तक। (First Kings) ( एक सुझाव : इस पुस्तक का सम्पादन इस वर्तमान में कार्यशील है। कृपया इस पुस्तक को सावधानी से पढ़ें। ) पहला अध्याय। १ अब राजा दाऊद वृद्ध हो चला था और दीर्घायु से ग्रस्त था ; और वो उसे कपड़ों से ढका करते थे , परन्तु उसे कोई ताप प्राप्त नहीं होता था। २ इस कारण वश उसके सेवकों ने उस से कहा , मेरे प्रभु राजा के लिए एक युवती कुँवारी ढूँढी जाए जी : और उसे राजा के समक्ष खड़ा रहने दें , और उसे उनकी सेवा करने दें , और उसे आपकी छाती में लेटने दें , ताकि मेरे प्रभु राजा ताप प्राप्त कर लें। ३ तो उन्होंने इस्राएल की सीमाओं के सर्वत्र में एक सुन्दर कन्या ढूँढी , और अबिशग एक शुनमवाली ढूँढ निकाली , और उसे राजा के पास ले आए। ४ और वो कन्या अति सुन्दर थी , और उसने राजा की देख - रेख की , और उसकी सेवा की : परन्तु राजा ने उसे जाना नहीं। ५ तब हगिथ के बेटे अदोनीया ने स्वयं को पदोन्नत कर डाला , कहते हुए , मैं राजा बनूँगा भई...
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