इतिहास की दूसरी पुस्तक। (Second Chronicles) ( एक सुझाव : इस पुस्तक का सम्पादन इस वर्तमान में क्रियाशील है। कृपया इस पुस्तक को सावधानी से पढ़ें। ) पहला अध्याय। १ और दाऊद का बेटा सुलेमान अपने राज्य में सुदृढ़ हो गया था , और प्रभु उसके ईश्वर उसके साथ थे , और उसे अत्याधिकता से आवर्धित किया। २ तब सुलेमान समस्त इस्राएल से बोला , हज़ारों और सौ - सौ के कप्तानों से , और न्यायाधीषों से , और समस्त इस्राएल में प्रत्येक राज्यपाल से , पित्रों के प्रमुखों से। ३ तो सुलेमान , और समस्त सभा उसके साथ , उस उच्च स्थान चले गए जो गिब्यन में था ; चूँकि वहीं ईश्वर की सभा का तम्बू था , जिसे प्रभु के के नौकर मूसा ने जँगली - क्षेत्र में बनाया था। ४ परन्तु ईश्वर के संदूक को दाऊद किरयथयरिम से उस स्थान ले आया था जो दाऊद ने उसके लिए उद्यत किया था : क्योंकि उसने उसके लिए एक यरूशलेम में शिविर गाढ़ दिया था। ५ इसके अतिरिक्त वो पीतल की बलिवेदी , जिसे बज़लेअल , ऊरी के बेटे , हूर के बेटे ...
Posts
Showing posts from 2025