इतिहास की प्रथम पुस्तक। (First Chronicles)
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पहला अध्याय।
१ आदम, शेथ, एनोश,
२ कायनन, महल्लेल, येरद,
३ हनौक, मेथूशेलाह,लामेक,
४ नूह, शेम, हाम, और याफत।
५ याफत के बेटे: गोमर, और मागोग, और मादई, और यवन, और तूबल, और मेशक, और तीरस।
६ और गोमर के बेटे: एश्केनैज़, और रीपत, और तोगर्मा।
७ और यवन के बेटे: एलीशाह, और तरशीश, कित्तीम, और दोदानीम।
८ और हाम के बेटे: कुश, और मिज़्राईम, और फुट, और कनान।
९ और कुश के बेटे; सीबा, और हैविलाह, और सैबटाह, और रेअमाह, और सैबटेका। और रेअमाह के बेटे: शबा और डीदान।
१० और कुश ने जनना निमरोद: और वह पृथ्वी में एक बलशाली व्यक्ति बनने लगा।
११ और मिज़्राईम ने जनना लूडिम, और ऐनामिम, और लेहाबिम, और नैफतुहिम,
१२ और पथरुसिम, और कसलुहिम (जिस में से आए पलिश्तिम-वंशज,) और कफ़तोरिम।
१३ और कनान ने जनना सिदोन, उसका प्रथम जन्मा, और हेत,
१४ और यबूसी वंशज भी, और एमोरवासी, और गिरगासवासी,
१५ और हिव्वी, और आरकावासी, और साईनावासी,
१६ और आर्वाडवासी, और ज़ेमारवासी, और हमातवासी:
१७ शेम के बेटे: ईलम, और असहुर, और अर्पक्षद, और लड, और अराम और ऊस, और हल, और गीथर, और मेशेक।
१८ और अर्पक्षद ने जनना सैलाह, और सैलाह ने जनना एबर।
१९ और एबर को दो बेटे जन्मे: एक का नाम पीलेग था, क्योंकि उसी के दिनो में पृथ्वी विभाजित हुई थी:और उसके भाई का नाम योक्टन था।
२० और योक्टन ने जनना अलमोदद, और शेलेफ, और हज़रमेवेथ, और जीराह,
२१ हदोरम भी, और ऊसल, और दिकलाह,
२२ और आयबल, और अबिमाएल, और शबा,
२३ और ओफर, और हैविलाह, और योबब। यह सभी योक्टन के बेटे थे।
२४ शेम, अर्पक्षद, सैलाह,
२५ एबर, पीलेग, रेऊ,
२६ सरूग, नाहोर, थराह,
२७ अब्राम; यही अब्राहम है।
२८ अब्राहम के बेटे; इसहाक, और इश्माएल।
२९ यही उनकी पीढ़ियाँ हैं: इश्माएल का प्रथम जन्मा, नेबायोत; फिर केदर, और अदबील, और मिबसाम,
३० और मिशमा, और दूमा, और मस्सा, हदद, और तेमा,
३१ ईतर, नफिश, और केदेमा। यही इश्माएल के बेटे हैं।
३२ तो अब केटुराह के बेटे, अब्राहम की रखैल: उसने जने ज़िम्रान, और याक्षान, और मीदान, और मिद्यान, और यिशबाक, और शूआ। और याक्षान के बेटे; शबा, और ददान।
३३ और मिद्यान के बेटे: एफाह, और ईफर, हनोक, और अबीदा, और एलदेआ। यह सभी केटुराह के बेटे हैं।
३४ और अब्राहम ने जनना इसहाक। इसहाक के बेटे; एसाव और इस्राएल।
३५ एसाव के बेटे; एलीपज़, रुएल, और यूश, और यालाम, और कोरह।
३६ एलीपज़ के बेटे: तेमान, और ओमर, जेफ़ी, और गताम, कनज़, और तिम्ना, और अमालेक।
३७ रुएल के बेटे: नहत, ज़ेरह, शम्मा, और मिज़्ज़ा।
३८ और सेईर के बेटे: लोटन, और शोबल, और सिबोन, और अना, और दीशोन, और ईज़र, और दीशन।
३९ और लोटन के बेटे: होरी, और हेमम: और तिम्ना लोटन की बहन थी।
४० शोबल के बेटे: अलियन, और मनहथ, और आयबल, शफी, और ओनम। और सिबोन के बेटे: अय्या, और अना।
४१ अना के बेटे: दीशोन। और दीशोन के बेटे: हमरम, और एशबान, और यित्रान, और करान।
४२ ईज़र के बेटे: बिल्हान, और ज़ावन, और यकान। दीशन के बेटे: ऊस, और अरान।
४३ तो यह हैं वह राजा जिन्होंने एदोम की भूमि में राज किया था, इस्राएल की संतानों पर किसी भी अन्य राजा के राज करने से पूर्व; बेला, बओर का बेटा: और उसके नगर का नाम दिनहबाह था।
४४ और जब बेला मर चुका था, तो बोस्रा के ज़ेरह के बेटे योबब ने उसके स्थान में राज किया।
४५ और जब योबब मर गया था, तो तेमानीयों की भूमि के हुशम ने उसके स्थान में राज किया।
४६ और जब हुशम मर चुका था, तो बेदद के बेटे हदद ने, जिसने मिद्यान पर मोआब के खेत में वार कर डाला था, उसके स्थान में राज किया: और उसके नगर का नाम अविथ था।
४७ और जब हदद मर गया था, तो मसरेकाह के सम्ला ने उसके स्थान में राज किया।
४८ और जब सम्ला मर चुका था, तो नदी के साथ वाले रीहोबौथ के शाऊल ने उसके स्थान में राज किया।
४९ और जब शाऊल मर गया था, तो बअलहानन, अकबोर के बेटे ने उसके स्थान में राज किया।
५० और जब बअलहानन, अकबोर का बेटा मर चुका था, तो हदद ने उसके स्थान में राज किया: और उसके नगर का नाम पाऊ था; और उसकी पत्नी का नाम महेटबेल था, बेटी मटरेद की, बेटी मज़ाहब की।
५१ हदद भी मर गया। और एदोम के नवाब थे; नवाब तिम्ना, नवाब अलिया, नवाब जीथथ,
५२ नवाब आहलीबामा, नवाब एला, नवाब पीनोन,
५३ नवाब कनज़, नवाब तेमन, नवाब मिबज़र,
५४ नवाब मगदियल, नवाब ईरम। यही हैं एदोम के वह नवाब।
दूसरा अध्याय।
१ यही इस्राएल के बेटे हैं; रूबेन, शिमोन, लेवी, और यहूदा, इस्सकार, और ज़बूलून,
२ दान, युसुफ, और बिन्यामिन, नफ्ताली, गाद, और आशेर।
३ यहूदा के बेटे; अर, और ओनन, और शेलह: यह तीन उसे शुआ की बेटी उस कनानवाली द्वारा जन्मे थे। और अर, यहूदा का पहला जन्मा, प्रभु की दृष्टि में बुरा था, और उन्होंने उसे मार डाला।
४ और तमार उसकी पुत्र-वधू ने उसे फैरेज़ और ज़ेरह जने। यहूदा के समस्त बेटे पाँच थे।
५ और फैरेज़ के बेटे; हेज़रोन, और हेमल।
६ और ज़ेरह के बेटे; ज़िम्री, और एथन, और हेमन, और कलकोल, और दारा: कुल मिला कर यह पाँच थे।
७ और कर्मी के नेते; अकर, वही इस्राएल को विचलित करने वाला, जिसने उस समर्पित वस्तु के विषय में उल्लंघन कर दिया था।
८ और एथन के बेटे; अज़रिया।
९ हेज़रोन के बेटे भी, जो उसे जन्मे थे; येरहमील, और राम, और केलुबई।
१० और राम ने जनना अम्मीनादब; और अम्मीनादब ने जनना नहशोन, यहूदा की सन्तानों का मुखिया;
११ और नहशोन ने जनना सलमा, और सलमा ने जनना बोआज़,
१२ और बोआज़ ने जनना ओबेद, और ओबेद ने जनना यिशय,
१३ और यिशय ने अपना प्रथम जन्मा जनना एलिआब, और अबिनादब दूसरा, और शिम्मा तीसरा,
१४ नेथनील चुआठा, रद्दई पाँचवाँ,
१५ ओज़ेम छटा, दाऊद सातवाँ:
१६ जिसकी बहने थी ज़ेरुआया, और अबिगल। और ज़ेरुआया के बेटे थे; अबिशय, और योआब, और असहेल, तीन।
१७ और अबिगल ने जना अमासा: और अमासा का पिता वो इश्मील-वंशज यथर था।
१८ और हेज़रोन के बेटे कालेब ने अपनी पत्नी अज़ुबा द्वारा, और येरिओथ द्वारा सन्तानें जननी: उस स्त्री के बेटे यह हैं; येशेर, और शोबब, और अरदोन।
१९ और जब अज़ुबा की मृत्यु हो चुकी थी, कालेब ने अपने पास एफरथ को ले लिया, जिसने उसे हूर को जना।
२० और हूर ने ऊरी को जना, और ऊरी ने बज़लेअल को जना।
२१ और तत्-पश्चात हेज़रोन गिलद के पिता मेकर की बेटी के पास गया, जिस से उसने जब वो साठ वर्ष कि आयु का था विवाह किया था; और उस स्त्री ने उसे सेगब जना।
२२ और सेगब ने जना याएर, जिसके पास गिलद की भूमी में तेईस नगर थे।
२३ और उसने उनसे ले लिए गेशुर, और अराम, याएर के नगरों के साथ, केनथ के साथ, और उसके नगरों के साथ, साठ नगर ही। यह सभी गिलद के पिता मेकर के बेटों के अधिकार में थे।
२४ और कालेब का कालेबएफरथा में देहान्त हो जाने के पश्चात, तब हेज़रोन की पत्नी अबिया ने उसे तकोआ का पिता अशुर जन दिया।
२५ और हेज़रोन के प्रथम-जन्मे येरहमील के बेटे थे, राम वो प्रथम-जन्मा, और बुनह, और ओरेन, और ओज़ेम, और अहिया।
२६ येरहमील के पास एक अन्य पत्नी भी थी, जिसका नाम अटराह था; वो ओनम की माता थी।
२७ और राम येरहमील के प्रथम-जन्मे के बेटे थे, मअज़, और यामीन, और एकर।
२८ और ओनम के बेटे थे, शम्माय, और यदा। और शम्माय के बेटे; नादब, और अबिशुर।
२९ और अबिशुर की पत्नी का नाम थे अबिहेल, और उसने उसे जने अहबन, और मोलिद।
३० और नादब के बेटे; सेलेद, और अप्पआएम: परन्तु सेलेद निःसन्तान ही मर चला।
३१ और अप्पआएम के बेटे; इशि। और इशि के बेटे; शेशन। और शेशन की सन्तानें; अहलय।
३२ और शम्माय के भाई यदा के बेटे; यथर, और योनातन: और यथर निःसन्तान ही मर चला।
३३ और योनातन के बेटे; पेलेत, और ज़ज़ा। यही येरहमील के बेटे थे भई।
३४ अब शेशन के पास बेटियों के सिवा कोई भी बेटे न थे। और शेशन के पास एक नौकर था, एक मिस्रवासी, जिसका नाम यरहा था।
३५ और शेशन ने अपनी बेटी अपने नौकर यरहा को पत्नी के रूप में दे दी; और उसने उसे अत्तई जन दिया।
३६ और अत्तई ने जनना नेथन, और नेथन ने जनना ज़बद,
३७ और ज़बद ने जनना एफलल, और एफलल ने जना ओबेद,
३८ और ओबेद ने जनना येहू, और येहू ने जनना अज़रिया,
३९ और अज़रिया ने जनना हेलेज़, और हेलेज़ ने जनना एलेअसाह,
४० और एलेअसाह ने जनना सिसमय, और सिसमय ने जनना शल्लुम,
४१ और शल्लुम ने जनना येकमिया, और येकमिया ने जनना एलिशमा।
४२ अब येरहमील के भाई कालेब के बेटे थे, मेशा उसका प्रथम-जन्मा, जो कि ज़िफ का पिता था; और हेब्रोन के पिता मरेशा के बेटे।
४३ और हेब्रोन के बेटे; कोरह, और तप्पवा, और रकेम, और शेमा।
४४ और शेमा ने जनना रहाम, योरकोम का पिता: और रकेम ने जनना शम्माय।
४५ और शम्माय का बेटा मओन था: और मओन बेतज़र का पिता था।
४६ और कालेब की रखैल, एफाह ने, जनना हारान, और मोज़ा, और गज़ेज़: और हारान ने जनना गज़ेज़।
४७ और यहदई के बेटे; रेगेम, और योथम, और गेशम, और पेलेत, और एफाह, और शआफ।
४८ मअकाह, कालेब की रखैल, ने जना शेबर, और तिरहना।
४९ उसने मदमन्ना के पिता शआफ को भी जना, मकबेना का पिता शेवा, और गिबेया के पिता को: उआर कालेब की बेटी अक्सा थी।
५० यही एफरथा के प्रथम-जन्मे, हुर के बेटे कालेब केबेटे थे; किरयथयरिम का पिता शोबल,
५१ सलमा बेतलेहेम का पिता, बेतगदर का पिता हरेफ।
५२ और किरयथयरिम के पिता शोबल के पास बेटे थे; हारोए, और मनहेथियों में से आधे।
५३ और किरयथयरिम के परिवार-गण; वो इथ्री, और पूही, और शुमाथी, और मिश्राएती; उन्हीं में से निकले वो ज़रेयाथी, और वो एशतोल-वाले।
५४ सलमा के बेटे; बेतलेहेम, और वो नतोफथी, अटरोथ, योआब का घराना, और मनहेथियों में से आधे, वो ज़ोरी-वाले।
५५ और लिपिकों के परिवार-गण जो यबज़ में निवास करते थे; वो तिरथ-वाले, वो शिमेया-वाले, और सुकथी-वाले। यही वो किनि-वाले हैं जो रेकब के घराने के पिता हेमत से आए थे।
तीसरा अध्याय।
१ तो अब यही दाऊद के बेटे हैं जो उसे हेब्रोन में जन्मे थे; वो प्रथम-जन्मा अम्नोन, अहिनोम उस यज़रील-वासी द्वारा; वो दूसरा दानिएल उस करमल-वाली अबिगल द्वारा:
२ तीसरा, अब्सलोम, गेशर के राजा तलमय की बेटी मअकाह का बेटा: चौथा, अदोनीया हगिथ का बेटा:
३ पाँचवाँ, अबितल द्वारा शेफतिया: छटा, उसकी पत्नी एग्ला द्वारा इथरेम।
४ यही छह उसे हेब्रोन में जन्मे थे; और वहीं उसने सात वर्ष और छह महीने राज किया: और यरूशलेम में उसने तैंतीस वर्ष राज किया।
५ और यही उसे यरूशलेम में पैदा हुए थे; शम्मुआ, और शोबब, और नेथन, और सुलेमान, चार, अम्मिअल की बेटी बथशुआ द्वारा:
६ इभर भी, और एलीशमा, और एलिफलेत,
७ और नोगा, और नेफेग, और जफिया,
८ और एलिशमा, और एलीअदा, और एलिफलेत, नौ।
९ यही दाऊद के सभी बेटे थे, रखेलों के बेटों के अतिरिक्त, और तमार उनकी बहन।
१० और सुलेमान का बेटा थे रेहोबोम, अबिया उसका बेटा, आसा उसका बेटा, यहोशाफट उसका बेटा,
११ योरम उसका बेटा, अहज़िया उसका बेटा, योअश उसका बेटा,
१२ अमज़िया उसका बेटा, अज़रिया उसका बेटा, योथम उसका बेटा,
१३ अहज़ उसका बेटा, हज़किया उसका बेटा, मनश्शे उसका बेटा,
१४ अमोन उसका बेटा, योशीयाह उसका बेटा।
१५ योशीयाह के बेटे, वो प्रथम-जन्मा योहनन, दूसरा येहोयकिम, तीसरा ज़देकिया, चौथा शल्लुम।
१६ और येहोयकिम के बेटे: येकोनिया उसका बेटा, ज़देकिया उसका बेटा।
१७ और येकोनिया के बेटे; अस्सिर, शालतिएल उसका बेटा,
१८ मल्कीरम भी, और पेदायाह, और शेनज़र, येकामिया, होशमा, और नेदबिया।
१९ और पेदायाह के बेटे थे, ज़रुब्बाबेल और शिमई: और ज़रुब्बाबेल के बेटे; मशुल्लम और हननिया, और शेलोमिथ उनकी बहन:
२० और हशुबा, और ओहेल, और बरेकिया, और हसदिया, यूशाभसद, पाँच।
२१ और हननिया के बेटे; फलतिया, और येसाया: रेफाया के बेटे, अर्नन के बेटे, ओबदिया के बेटे, शेकनिया के बेटे।
२२ और शेकनिया के बेटे; शेमाया: और शेमाया के बेटे; हत्तुष, और इगेयल, और बरिया, और नेअरिया, और शफत, छह।
२३ और नेअरिया के बेटे; एलियोनय, और हिज़किया, और अज़रिकम, तीन।
२४ और एलियोनय के बेटे थे, होदाया, और एलिशिब, और पेलाया, और अक्कुब, और योहनन, और दलाया, और अननी, सात।
चौथा अध्याय।
१ यहूदा के बेटे; फैरेज़, हेज़्रोन, और करमी, और हुर, और शोबल।
२ और शोबल के बेटे रेआया ने जना यहथ; और यहथ ने जना अहुमय, और लहद। यही जोरथियों के परिवार-गण हैं।
३ और यही एतम के पिता वाले थे; यज़रील, और इश्मा, और इदबश: और उनकी बहन का नाम हज़ललपोनी:
४ और गेदोर का पिता पेनुएल, और एज़र हुशा का पिता। यही हुर के बेटे हैं, एफरथा का प्रथम-जन्मा, बेतलेहेम का पिता।
५ और अशुर तकोआ के पिता के पास दो पत्नियाँ थीं, हेला और नअरा।
६ और नअरा ने उसे जने अहुज़म, और हेफर, और तेमेनी, और अहशतरी। यही नअरा के बेटे थे।
७ और हेला के बेटे थे, ज़ेरथ, और येज़ोअर, और एथनन।
८ और कोज़ ने जनना अनुब को, और ज़ोबेबा, और हरुम के बेटे अहरहेल के परिवार-गणों को।
९ और यबज़ अपने भाईयों से अधिक प्रतिष्ठित था: और उसकी माँ ने उसका नाम यबज़ रखा था, कहती हुई, चूँकि मैंने इसे शोक में जना है।
१० और यबज़ ने इस्राएल के ईश्वर का आह्वान किया, कहते हुए, आह कि आप मुझे वास्तव में ही आशीष दे दें, और मेरी सीमा का विस्तार कर दें, और कि आपका हाथ मेरे साथ रहे, और कि आप मुझे बुराई से दूर रखें, ताकि वो मुझे शोक न पहुँचाए! और ईश्वर ने उसे वो प्रदान कर दिया जिसकी उसने याचना की थी।
११ और शुआ के भाई केलुब ने महिर को जनना, जो एश्तोन का पिता था।
१२ और एश्तोन ने जनना बेतरफा, और फ़सिया, और तहिन्ना इरनहष का पिता। यही रेका के मानुष हैं।
१३ और कनज़ के बेटे; ओतनिएल, और सेरिया: और ओतनिएल के बेटे; हथथ।
१४ और मयोनोथय ने जनना ओफ़्रा: और सेरिया न जनना योआब, करशिम की घाटी का पिता; चूँकि वो कारीगर थे।
१५ और यपुन्ने के बेटे कालेब के बेटे; इरु, एला, और नअम: और एला के बेटे, कनज़ ही।
१६ और येलेलील के बेटे; ज़िफ, और ज़िफ़ा, तिरिया, और असारील।
१७ और एज़्रा के बेटे थे, यथर, और मेरेद, और एफर, और यालोन: और उसने जने मिरियम, और शम्माय, और इश्बा एश्तमो का पिता।
१८ और उसकी पत्नी येहूदिया ने जना येरद गेदर का पिता, और हेबर सोको का पिता, और येकुथिएल ज़नोह का पिता। और यही बिथिया के बेटे हैं फैरो की बेटी, जिसे मेरेद ने ले लिया।
१९ और उसकी पत्नी के बेटे होदिया बहन नहम की, उस गरमी वाले कईला का पिता, और एश्तमो वो मअकथी।
२० और शिमोन के बेटे थे, अम्नोन, और रिन्ना, बेनहनन, और तिलोन। और इशि के बेटे थे, जोहेथ, और बेनजोहेथ।
२१ यहूदा के बेटे शेलह के बेटे थे, लेकाह का पिता अर, और लअदा, मरेशा का पिता, और उन परिवार-गणों का उनके घर का जो महीन छालटी का काम किया करते थे, अशबे के घराने वाले,
२२ और योकिम, और कोज़ेबा, और योअश, और सरफ, जिसके पास मोआब में अधिराज्य था, और यशुबिलेहम। और यही प्राचीन बातें हैं।
२३ यही वो कुम्हार थे, और वो जो पेड़ों और झाड़ियों के बीच वास करते थे: वहीं वह राजा के कार्य के लिए निवास करते थे।
२४ शिमोन के बेटे: नमूएल, और यामीन, यरिब, ज़ेरा और शाऊल:
२५ शल्लुम उसका बेटा, मिब्सम उसका बेटा, मिश्मा उसका बेटा।
२६ और मिश्मा के बेटे; हमुएल उसका बेटा, ज़कुर उसका बेटा, शिमई उसका बेटा।
२७ और शिमई के पास सोलह बेटे और छह बेटियाँ थीं; परन्तु उसके भाईयों के पास बहुत सन्ताने नहीं थीं, न ही उनका समस्त परिवार बहुगुणित हुआ, यहूदा की सन्तानों के समान।
२८ और वो बसते थे बेएरशबा, और मोलदा, और हज़रशुअल में,
२८ और बिल्हा में, और एज़ेम में, और तोलद में,
३० और बतूएल में, और होरमा में, और ज़िकलग में,
३१ और बेतमर्कबोत में, और हज़रसूसिम में, और बेतबिराय में, और शरेइम में। यही थे उनके नगर दाऊद के राज्य तक।
३२ और उनके गाँव थे, एतम, और एइन, रिम्मन, और तोकन, और अशन, पाँच नगर:
३३ और बअल तक उनके सभी गाँव जो इन्हीं नगरों के चारों ओर थे। यशी उनके निवास-स्थान थे, और उनकी वंशावली है।
३४ और मशोबब, और यमलक, और योशा अमज़िया का बेटा,
३५ और योएल, और येहू योसिबिया का बेटा, सेरिया का बेटा, असिएल का बेटा,
३६ और एलियोनय, और यकोबा, और येशोहाया, और असाया, और अदीएल, और येसिमएल, और बेनाया,
३७ और ज़िज़ा शिफि का बेटा, अल्लोन का बेटा, येदाया का बेटा, शिमरी का बेटा, शेमाया का बेटा;
३८ यही अपने नामों से कथित अपने परिवार-गणों में मुखिया थे: और उनके पित्रों के घराना की बृहत्ता से बढ़ौतरी हुई।
३९ और वो गेदोर के प्रवेश तक भी जा पहुँचे, घाटी के पूर्वी पाशर्व तक भी, अपने झुण्डों के लिए चरण-भूमी ढूँढने हेतु।
४० और उन्होंने भली भरपूर चरण-भूमी पा ली, और वो भूमी फैली हुई और शान्त और नीरव थी; क्योंकि हाम वाले वहीं बीते हुए कालों में बसा करते थे।
४१ और इन्होंने ही जो नाम से उल्लेखित है यहूदा के राजा हज़किया के दिनो में आकर, उनके तम्बुओं को पीट डाला, और उनके निवास-स्थानों को जो वहीं पाए गए थे, और उन्हें इसी दिन तक भी पूर्ण रूप से नष्ट कर डाला, और उनके स्थानों में जा बसे: क्योंकि उनके झुण्डों के लिए वहीं चरण-भूमी थी।
४२ और उन में से कुछ, शिमोन के बेटों में से ही, पाँच सौ आदमी ही, सेईर पहाड़ चले गए, अपने लिए
फलतिया, और नेअरिया, और रेफाया, और उज़्ज़ीएल, इशि के बेटों को ही कप्तान नियुक्त किए हुए।
४३ और उन्होंने उन शेष अमालेक-वंशजों को पीट डाला जो बच निकले थे, और इसी दिन तक वहीं बसते रहे।
पाँचवाँ अध्याय।
१ अब इस्राएल के प्रथम-जन्मे रूबेन के बेटे, चूँकि वही प्रथम-जन्मा था; परन्तु, चूँकि उसने अपने पिता की शय्या को प्रदूषित कर डाला था, उसका जन्मसिद्धाधिकार इस्राएल के बेटे युसुफ के बेटों को दे दिया गया था: और वंशावली की गिनती जन्मसिद्धाधिकारनुसार नहीं होती।
२ चूँकि यहूदा अपने भाईयों पर अभिभावी ठहरा, और उसी में से मुख्य-अध्यक्ष उभरा; परन्तु जन्मसिद्धाधिकार युसुफ का था:
३ वो बेटे, मैं कहता हूँ, इस्राएल के प्रथम-जन्मे के थे, हनोक, और पल्लू, हेज़रोन, और करमी।
४ योएल के बेटे; शेमाया उसका बेटा, गोग उसका बेटा, शिमई उसका बेटा,
५ मिका उसका बेटा, रेआया उसका बेटा, बअल उसका बेटा,
६ बीराह उसका बेटा, जिसे असिरिया का राजा तिलगथपिलनसर परे उठा ले गया: वह रूबेन-वंशजों का अध्यक्ष था।
७ और उसके भाई-जन उनके परिवार-गणोंनुसार, जब उनकी पीढ़ियों की वंशावली की गिनती की गई थी, थे वो मुखिया येइएल, और ज़क़र्या,
८ और बेला अज़ज़ का बेटा, शेमा का बेटा, योएल का बेटा, जो अरोर में बसता था, नेबो और बअलमोन तक भी:
९ और पूर्व की ओर उसने जँगली-क्षेत्र के प्रवेश तक नदी से लेकर निवासित किया: क्योंकि उनके मवेशी गिलद की भूमी में बहुगणित थे।
१० और शाऊल के दिनो में उन्होंने हागारियों के साथ युद्ध किया, जो उनके हाथों गिर गए: और वो उनके तम्बुओं में गिलद की समस्त पूर्वी भूमी के सर्वत्र में बस गए।
११ और गाद की सन्तानें उनके विप्रीत बसती थीं, बशान की भूमी में सलका तक:
१२ योएल वो प्रमुख, और शफम दूसरा, और यअनय, और शफत बशान में।
१३ और उनके पित्रों के घराने से उनके भाई-जन थे, मिखाएल और मेशुल्लम, और शेबा, और योराय, और यकन, और ज़िया, और हेबर, सात।
१४ यही अभिहेल की सन्तानें हैं हुरी का बेटा, यरोआ का बेटा, गिलद का बेटा, मिखाएल का बेटा, येशिशय का बेटा, यहदो का बेटा, बज़ का बेटा;
१५ अहि अब्दिएल का बेटा, गुनी का बेटा, उनके पित्रों के घराने का प्रमुख।
१६ और वो गिलद में बशान में, और उसकी नगरीयों में, और शरोन की समस्त सार्वजनिक भूमियों में निवास करते थे, उनकी सीमाओं पर ही।
१७ इन सभी की गणना उनकी वंशावलियोंनुसार यहूदा के राजा योथम के दिनो में, और इस्राएल के राजा यरोबोम के दिनो में की गई थी।
१८ रूबेन के बेटे, और वो गाद-वंशज, और मनश्शे की आधी प्रजाति, शूरवीर पुरुषों की, पुरुष जो ढाल और तलवार उठाने में सक्षम थे, और युद्ध में कुशल, थे चवालीस हज़ार सात सौ साठ, जो युद्ध करने बाहर निकला करते थे।
१९ और इन्होंने हागारियों के साथ युद्ध किया, येतर के साथ, और नेफ़िश, और नोदब।
२० और उनकी उनके विरुद्ध सहायता की गई थी, और वो हागारी उनके हाथ में प्रदान कर दिए गए थे, और वो सभी जो उनके साथ थे: क्योंकि वो ईश्वर की ओर युद्ध में चीख पड़े थे, और उन्होंने उनका अनुनय सुन लिया; क्योंकि उन्होंने अपना भरोसा उन पर रख दिया था।
२१ और उन्होंने उनके मवेशियों को पकड़ कर छीन लिया; उनके ऊँटों में से पचास हज़ार, और भेड़ों में से दो लाख पचास हज़ार, और गधों में से दो हज़ार, और आदमियों में से एक लाख।
२२ क्योंकि कई मर कर नीचे गिरे थे, क्योंकि वो युद्ध ईश्वर का था। और वो उनके स्थानों में बसते रहे निर्वासन-बाँधत्व तक।
२३ और मनश्शे की आधी प्रजाति की सन्तानें भूमी में वास करते थे: उनकी बशान से लेकर बअलहरमन और सेनिर, और हर्मन पहाड़ तकि वृद्धी हुई।
२४ और यही उनके पित्रों के घराने के मुखिया थे, एफर ही, और इशि, और एलिएल, और अज़्रिएल, और यिर्मियाह, और होदविया, और यहदिएल, पराक्रमी शूरवीर पुरुष, कीर्तीमान पुरुष, उनके पित्रों के घराने के मुखिया।
२५ और उन्होंने अपने पित्रों के ईश्वर के विरुद्ध उल्लंघन कर दिया, और उन भूमी के लोगों के इश्वरों के पीछे-पीछे वैश्यापना करते चले गए, जिनका ईश्वर ने उनके समक्ष विध्वंस कर डाला था।
२६ और इस्राएल के ईश्वर ने असिरिया के राजा पुल के भावात्मा को, और असिरिया के राजा
तिलगथपिलनसर के भावात्मा को सक्रीय कर उठाया, और वो उन्हें उठाकर निर्वासित कर चला, रूबेन वंशजों को ही, और गाद-वंशजों को, और मनश्शे की आधी प्रजाति को, और उन्हें हला, और हबोर, और हारा, और गोज़न नदी तक ले आया, इसि दिन तक।
छटा अध्याय।
१ और लेवी के बेटे: गेरशौन, कहाथ, और मरारी।
२ और कहाथ के बेटे; अम्राम, और यिसहर, हेब्रोन, और उज़्ज़ीएल।
३ और अम्राम की संतानेनल हारुन, और मूसा, और मिरियम। हारुन के बेटे भी; नदाब, और अबीहु, एलाज़र, और इथामर।
४ एलाज़र ने जनना फिनहास, फिनहास ने जनना अबिशुआ,
५ और अबिशुआ ने जनना बकी, और बकी ने जनना उज़्ज़ी,
६ और उज़्ज़ी ने जनना ज़ेरहाया, और ज़ेरहाया ने जनना मेरायोथ,
७ मेरायोथ ने जनना अमरिया, और अमरिया ने जनना अहितब,
८ और अहितब ने जनना ज़दोक, और ज़दोक ने जनना अहिमाज़,
९ और अहिमाज़ ने जनना अज़रिया, और अज़रिया ने जनना योहनन,
१० और योहनन ने जनना अज़रिया, (यह वही है जिसने उस मंदिर में पुरोहित-पद को क्रियान्वित किया जिसका सुलेमान ने यरूशलेम में निर्माण किया था:)
११ और अज़रिया ने जनना अमरिया, और अमरिया ने जनना अहितब,
१२ और अहितब ने जनना ज़दोक, और ज़दोक ने जनना शल्लुम,
१३ और शल्लुम ने जनना हिल्किया, और हिल्किया ने जनना अज़रिया,
१४ और अज़रिया ने जनना सेरिया, और सेरिया ने जनना जहोज़दक,
१५ और यहोज़दक निर्वासन-बाँधत्व में चला गया, जब प्रभु यहूदा और यरूशलेम को नबूकदनेज़्ज़र के हाथ से परे उठा ले चले।
१६ लेवी के बेटे: गेरशौम, कहाथ, और मरारी।
१७ और यही गेरशौम के बेटों के नाम हैं; लिब्नी, और शिमई।
१८ और कहाथ के बेटे थे, अम्राम, और यिसहर, हेब्रोन, और उज़्ज़ीएल।
१९ मरारी के बेटे; महली और मूशी: और यही लेवी-वंशजों के परिवार-गण हैं उनके पित्रोंनुसार।
२० गेरशौम के; लिब्नी उसका बेटा, यहत उसका बेटा, ज़िम्मा उसका बेटा,
२१ योआ उसका बेटा, इदो उसका बेटा, ज़ेरह उसका बेटा, येआतेरय उसका बेटा।
२२ कहाथ के बेटे; अम्मीनादब उसका बेटा, कोरह उसका बेटा, अस्सिर उसका बेटा,
२३ एलकना उसका बेटा, और एबियसफ उसका बेटा, और अस्सिर उसका बेटा,
२४ तहत उसका बेटा, उरिएल उसका बेटा, और शाऊल उसका बेटा।
२५ और एलकना के बेटे; अमसय, और अहिमोथ।
२६ एलकना के: एलकना के बेटे; ज़ोफाय उसका बेटा, और नहथ उसका बेटा,
२७ एलिआब उसका बेटा, यरोहम उसका बेटा, एलकना उसका बेटा।
२८ और शमुएल के बेटे; वश्नी उसका प्रथम-जन्मा, और अबिया।
२९ मरारी की बेटे; महली, लिब्नी उनका बेटा, शिमई उसका बेटा, उज़्ज़ा उसका बेटा,
३० शिमेया उसका बेटा, हग्गीया उसका बेटा, असाया उसका बेटा।
३१ और यही वो हैं जिन्हें दाऊद ने प्रभु के घर में संगीत-सेवा पर नियुक्त किया, संदूक को विश्राम कर लेने के पश्चात।
३२ और उन्होंने सभा के तम्बू के निवास स्थान के समक्ष संगीत के साथ सेवा की, जब तक कि सुलेमान ने यरूशलेम में प्रभु के घर का निर्माण नहीं कर दिया था: और तब वो अपने क्रिया-पद का कार्य उनकी पारीनुसार खड़े किया करते थे।
३३ और यही वो हैं जो अपनी सन्तानों के साथ पारी-पारी से खड़े होते थे। कहाथ के बेटों में से: हेमन एक गायक, योएल का बेटा, शेमुएल का बेटा,
३४ एलकना का बेटा, यरोहम का बेटा, एलिएल का बेटा, तोआ का बेटा,
३५ जुफ का बेटा, एलकना का बेटा, महत का बेटा, अमसाय का बेटा,
३६ एलकना का बेटा, योएल का बेटा, अज़रिया का बेटा, ज़ेफनिया का बेटा,
३७ तहथ का बेटा, अस्सिर का बेटा, एबियसफ का बेटा, कोरह का बेटा,
३८ यिसहर का बेटा, कहाथ का बेटा, लेवी का बेटा, इस्राएल का बेटा।
३९ और उसका भाई असफ, जो दाएँ हाथ पर खड़ा होता था, बरेकिया का बेटा असफ ही, शिमेया का बेटा,
४० मिखाएल का बेटा, बअसेया का बेटा, मलकिया का बेटा,
४१ एथनी का बेटा, ज़ेरा का बेटा, अदाया का बेटा,
४२ एथन का बेटा, ज़िम्मा का बेटा, शिमई का बेटा,
४३ यहत का बेटा, गेरशौम का बेटा, लेवी का वेट।
४४ और वो भाई-जन मरारी के बेटे बाएँ हाथ पर खड़े होते थे: एथन किशी का बेटा, अब्दि का बेटा, मल्लक का बेटा,
४५ हशबिया का बेटा, अमज़िया का बेटा, हिल्किया का बेटा,
४६ अमज़ी का बेटा, बनी का बेटा, शमर का बेटा,
४७ महली का बेटा, मुशी का बेटा, मरारी का बेटा, लेवी का बेटा।
४८ उनके भाई-जन भी वो लेवी-वंशज ईश्वर के घर के तम्बू की सेवा की प्रत्येक रीति के प्रति नियुक्त थे।
४९ किन्तु हारुन और उसके बेटे जले-चढ़ावे की बलिवेदी पर, और सुगन्धित-धूप वाली बलिवेदी पर चढ़ावा चढ़ाते थे, और अति-पवित्रतम स्थान के समस्त कार्य हेतु, और इस्राएल के लिए पापमोचन बनाने हेतु, नियुक्त थे, उस सभी के अनुसार जो ईश्वर के सेवक मूसा ने आदेश दिया था।
५० और यही हारुन के बेटे हैं; एलाज़र उसका बेटा, फिनहास उसका बेटा, अबिशुआ उसका बेटा,
५१ बकी उसका बेटा, उज़्ज़ी उसका बेटा, ज़ेराहिया उसका बेटा,
५२ मेरायोथ उसका बेटा, अमरिया उसका बेटा, अहितब उसका बेटा,
५३ ज़दोक उसका बेटा, अहिमाज़ उसका बेटा,
५४ अब यही उनके निवास स्थान हैं उन्हीं के गढ़ों के सर्वत्र में उनकी सीमाओं में, हारुन के बेटों के, कहाथ-वंशजों के परिवार-गणों के: चूँकि उन्हीं की ही पर्ची निकली थी।
५५ और उन्होंने उन्हें यहूदा की भूमी में हेब्रोन प्रदान कर दिया, और उसी की उसके चारों ओर वाली सार्वजनिक भूमियाँ।
५६ परन्तु नगर के खेत, और उसके गाँव, उन्होंने यपुन्ने के बेटे कालेब को दे दिए।
५७ और हारुन के बेटों को उन्होंने यहूदा के नगर प्रदान कर दिए, शरण लेने वाला नगर हेब्रोन, और लिब्ना उसकी सार्वजनिक भूमियों के साथ, और यतिर, और एशतमो, उनकी सार्वजनिक भूमियों के साथ,
५८ और हिलेन उसकी सार्वजनिक भूमियों के साथ, दबर उसकी सार्वजनिक भूमियों के साथ,
५९ और अशन उसकी सार्वजनिक भूमियों के साथ, और बेतशमश उसकी सार्वजनिक भूमियों के साथ:
६० और बिन्यामिन की प्रजाती में से; गेबा उसकी सार्वजनिक भूमियों के साथ, और अलेमेत उसकी सार्वजनिक भूमियों के साथ, और अनथोथ उसकी सार्वजनिक भूमियों के साथ। उनकी समस्त नगर उनके परिवार-गणों के सर्वत्र में तेरह नगर थे।
६१ और कहाथ के बेटों को, जो उस प्रजाती के परिवार-गण में से बचे रह गए थे, उस आधी प्रजाति में से नगर दिए गए थे, मनश्शे की ही आधी प्रजाति में से ही पर्ची द्वारा, दस नगर।
६२ और गेरशौम के बेटों को उनके परिवार-गणों के सर्वत्र में इस्सकार की प्रजाती में से, और आशेर की प्रजाती में से, और नफ़ताली की प्रजाती में से, और बशान में मनश्शे की प्रजाती में से, तेरह नगर।
६३ मरारी के बेटों को पर्ची डाल कर उनके परिवार-गणों के सर्वत्र में दे दिए गए थे रूबेन की प्रजाती में से, और गाद की प्रजाती में से, और ज़ेबूलून की प्रजाती में से, बारह नगर।
६४ और इस्राएल की सन्तानों ने लेवी-वंशजों को यह नगर उनकी सार्वजनिक भूमियों के साथ दे दिए।
६५ और पर्चियाँ डाल कर ही उन्होंने यहूदा की सन्तानों की प्रजाती में से, और शिमोन की सन्तानों की प्रजाती में से, और बिन्यामिन की सन्तानों की प्रजाती में से, यह नगर दे दिए जो उनके नामों से पुकारे जाते हैं।
६६ और कहाथ के बेटों के परिवार-गणों के शेष-भाग के पास उनकी सीमाओं वाले नगर थे एफ्रैम की प्रजाती में से ही।
६७ और उन्होंने उन्हें शरण लेने वाले नगरों में से शकेम प्रदान कर दिया उसकी सार्वजनिक भूमियों के साथ, एफ्रैम पहाड़ में; उन्होंने प्रदान किए गेज़र भी उसकी सार्वजनिक भूमियों के साथ,
६८ योकमेम उसकी सार्वजनिक भूमियों के साथ, और बेतहोरोन उसकी सार्वजनिक भूमियों के साथ,
६९ और आयलोन उसकी सार्वजनिक भूमियों के साथ, और गथरिमोन उसकी सार्वजनिक भूमियों के साथ:
७० और मनश्शे की अर्ध प्रजाति में से; अनेर उसकी सार्वजनिक भूमियों के साथ, और बिलेम उसकी सार्वजनिक भूमियों के साथ, कहाथ के बेटों के शेष-भाग के परिवार-गणों हेतु ही।
७१ गेरशौम के बेटों को प्रदान किए गए थे मनश्शे की अर्ध प्रजाति में से, बशान में गोलन उसकी सार्वजनिक भूमियों के साथ, और अश्तरोत उसकी सार्वजनिक भूमियों के साथ:
७२ और रमोत उसकी सार्वजनिक भूमियों के साथ। अनेम उसकी सार्वजनिक भूमियों के साथ:
७४ और आशेर की प्रजाती में से; मशल उसकी सार्वजनिक भूमियों के साथ, और अब्दों उसकी सार्वजनिक भूमियों के साथ,
७५ और हुकक उसकी सार्वजनिक भूमियों के साथ, और रेहोब उसकी सार्वजनिक भूमियों के साथ:
७६ और नफ़्तली की प्रजाती में से; गलील में केदेश उसकी सार्वजनिक-भूमियों के साथ, और हम्मोन उसकी सार्वजनिक-भूमियों के साथ, और किरयताइम उसकी सार्वजनिक-भूमियों के साथ।
७७ मेररी की सन्तानों के शेष बचे हुओं को दिए गए थे, ज़बूलून की प्रजाति में से, रिम्मोन उसकी सार्वजनिक-भूमियों के साथ, तबोर उसकी सार्वजनिक-भूमियों के साथ:
७८ और यर्दन के उस पार यरीहो के साथ ही, यर्दन के पूर्वी तट पर, उन्हें प्रदान किए गए थे रूबेन की प्रजाती में से, जँगली क्षेत्र में बेज़र उसकी सार्वजनिक-भूमियों के साथ, और यहज़ा उसकी सार्वजनिक-भूमियों के साथ,
७९ कदमोथ भी उसकी सार्वजनिक-भूमियों के साथ, और मफाथ उसकी सार्वजनिक-भूमियों के साथ:
८० और गाद की प्रजाति में से; गिलद में रमोथ उसकी सार्वजनिक-भूमियों के साथ, और महानैम उसकी सार्वजनिक-भूमियों के साथ,
८१ और हेश्बोन उसकी सार्वजनिक-भूमियों के साथ, और यज़र उसकी सार्वजनिक-भूमियों के साथ।
सातवाँ अध्याय।
१ तो अब इस्सकार के बेटे: टोला, और फूआह, यशुब, और शिमरौन, चार।
२ और टोला के बेटे: उज़्ज़ी, और रेफाया, और येरिएल, और यहमई, और इबसम, और शेमुएल, उनके पित्रों के घराने के मुखिया, टोला के ही: यही पराक्रमी शूरवीर पुरुष थे अपनी पीढ़ियों में; जिनकी संख्या दाऊद के दिनो में बाईस हज़ार छह सौ थी।
३ उज़्ज़ी के बेटे; इज़्राहिया: और इज़्राहिया के बेटे; मिखाएल, और ओबदिया, और योएल, इशिया, पाँच: यह सभी प्रमुख पुरुष।
४ और उनके साथ, उनकी पीढ़ियोंनुसार, उनके पित्रों के घरानोंनुसार, युद्ध करने हेतु सैनिकों के दल थे, छत्तीस हज़ार आदमी: चूँकि उनके पास बहुत सी पत्नियाँ और बेटे थे।
५ और उनके भाई-जन इस्सकार के समस्त परिवार-गणों के बीच शूरवीर शक्तिशाली पुरुष थे, सभी में गिने हुए उनकी वंशावलियोंनुसार थे सत्ताससी हज़ार।
६ बिन्यामिन के बेटे; बेला, और बेकर, और येदिएल, तीन।
७ और बेला के बेटे; एज़बोन, और उज़्ज़ी, और उज़्ज़ीएल, और यरिमोत, और इरि, पाँच; उनके पित्रों के घराने के मुखिया, शूरवीर पराक्रमी पुरुष; और वो उनकी वंशावलियोंनुसार गिने हुए थे बाईस हज़ार चौंतीस।
८ और बेकर के बेटे; ज़ेमिरा, और योअश, और एलिएज़र, और एलियोनय, और ओम्री, और यरिमोथ, और अबिया, और अनथोथ, और अलमेथ। यह सभी बेकर के बेटे हैं।
९ और इनकी संख्या थी, उनकी वंशावलीनुसार उनकी पीढ़ियोंनुसार, उनके पित्रों के घरानों के मुखियों की, पराक्रमी शूरवीर पुरुषों की, बाईस हज़ार दो सौ।
१० येदिएल के बेटे भी; बिल्हन: और बिल्हन के बेटे; यूश, और बिन्यामिन, और एहद, और कनेनाह, और ज़ेथन, और तरशीश, और अहिशहर।
११ यह सभी येदिएल के बेटे, उनके पित्रों के मुखियोंनुसार, पराक्रमी शूरवीर पुरुष थे सत्रह हज़ार दो सौ सैनिक, युद्ध और रण के लिए बाहर अग्रसर होने के लिए सुयोग्य।
१२ शप्पिम भी, और हप्पिम, इर के बच्चे, और हुशिम, अहेर के बेटे।
१३ नफ़्तली के बेटे; यहज़ल, और गूनी, और येज़र, और शल्लुम, बिल्हाह के बेटे।
१४ मनश्शे के बेटे; अशरिएल, जिसे उस स्त्री ने जना: परन्तु उसके रखैल उस अरम-वाली ने जना मेकर गिलद के पिता को:
१५ और मेकर ने हप्पिम और शप्पिम के बहन को पत्नी स्वरूप लिया, जिनकी बहन का नाम मअकाह था; और दूसरे का नाम ज़्लोफहद था: और ज़्लोफहद के पास बेटियाँ थीं।
१६ और मेकर की पत्नी मअकाह ने एक बेटा जना, और उस स्त्री ने उसका नाम पेरेश रखा; और उसके भाई का नाम शेरेश था; और उसके बेटे उलम और रकम थे।
१७ और उलम के बेटे; बेदन। यही गिलद के बेटे थे, मेकर का बेटा, मनश्शे का बेटा।
१८ और उसकी बहन हम्मोलकथ ने जना इषोद, और अबिएज़र, और महाला।
१९ और शेमिदा के बेटे थे, अहिअन, और शकेम, और लिखि, और अनिम।
२० और एफ्रैम के बेटे; शूथला, और बेरेद उसका बेटा, और तहत उसका बेटा, और एलदाह उसका बेटा, और तहत उसका बेटा,
२१ और ज़बद उसका बेटा, और शूथला उसका बेटा, और एज़र और एलेयद्, जिन्हें गथ के आदमियों ने जो उस भूमी में जन्मे थे मार डाला था, क्योंकि वो उनके मवेशी को परे ले जाने के लिए नीचे आ गए थे।
२२ और एफ्रैम उनके पिता ने कई दिनो तक शोक मनाया, और उसके भाई-जन उसे सांत्वना देने आए।
२३ और जब वो अपनी पत्नी के पास गया, तो वो गर्भवति हो गई, और एक बेटा जना, और उसने उसका नाम बरीया पुकारा, चूँकि उसके घराने के साथ बुराई घटी थी।
२४ और उसकी बेटी शेराह थी, जिसने बेतहोरोन निचला, और ऊपर वाला निर्मित किया था, और उज़्ज़ेनशेराह।
२५ और रेफा उसका बेटा था, रेशेफ भी, और तेलाह उसका बेटा, और तहन उसका बेटा,
२६ लअदन उसका बेटा, अम्मिहुद उसका बेटा, एलिशमा उसका बेटा,
२७ नून उसका बेटा, यहोशुआ उसका बेटा।
२८ और उनके अधिकार वाले स्थान और निवास-स्थान थे, बेतएल और उसकी नगरियाँ, और पूर्व की ओर नअरन, और पश्चिम की ओर गेज़र, उसकी नगरीयों के साथ; शकेम भी और उसकी नगरीयों के साथ, गाज़ा तक और उसकी नगरीयों के साथ:
२९ और मनश्शे की सन्तानों की सीमाओं के साथ, बेतशान और उसकी नगरियाँ, थनक और उसकी नगरियाँ, मगिद्दो और उसकी नगरियाँ, दोर और उसकी नगरियाँ। इन्हीं में इस्राएल के बेटे युसुफ की सन्तानें वास किया करती थीं।
३० आशेर के बेटे; इम्ना, और इसुआ, और इशुआय, और बरीया, और सैराह उनकी बहन।
३१ और बरीया के बेटे; हेबर, और मल्कियल, जो कि बिर्ज़विथ का पिता है।
३२ और हेबर ने जनना यफलेत, और शोमर, और होथम, और शुआ उनकी बहन।
३३ और यफलेत के बेटे; पसक, और बिमहल, उआर अशवत। यही यफलेत की सन्तानें हैं।
३४ और शमेर के बेटे; अहि, और रोगाह, येहुब्बा, और अराम।
३५ और उसके भाई हेलेम के बेटे; ज़ोफा, और इम्ना, और शेलेश, और अमल।
३६ ज़ोफा के बेटे; सुआ, और हर्नेफर, और शुआल, और बेरी, और इम्रा,
३७ बेज़र, और होद, और शम्मा, और शिल्शा, और इथरन, और बीरा।
३८ और यथर के बेटे; यपुन्ने, और पिस्पा, और अरा।
३९ और उल्ला के बेटे; अराह, और हनीएल, और रेज़िया।
४० यह सभी आशेर की सन्तानें थीं, उनके पित्रों के घरानों के प्रमुख, चुने हुए और पराक्रमी पुरुष शूरवीर, अध्यक्षों के प्रमुख। और वंशावली के सर्वत्र में उनकी संख्या जो युद्ध और रन करने हेतु सुयोग्य थे, छब्बीस हज़ार पुरुष थी।
आठवाँ अध्याय।
१ अब बिन्यामिन ने जनना बेला उसका प्रथम जन्मा, अशबल दूसरा, और अहराह वो तीसरा,
२ नोफ चौथा, और रफा वो पाँचवाँ।
३ और बेला के बेटे थे, अदर, और गेरा, और अबिहुद,
४ और अबिशुआ, और नामन, और अहोआ,
५ और गेरा, और शेफुफन, और हुरम।
६ और यही एहद के बेटे हैं: यही गेबा के निवासियों के पित्रों के प्रमुख हैं, और इन्होंने उन्हें मनहथ तक निर्वासित कर परे हटा दिया था:
७ और नामन, और अहिया, और गेरा, उसने उन्हें निर्वासित परे कर दिया, और जनना उज़्ज़ा, और अहिहुद।
८ शहराइम ने मोआब के देश में बच्चे जनने, उन्हें परे भेज देने के पश्चात; हुशिम और बअरा उसकी पत्नियाँ थीं।
९ और उसने अपनी पत्नी होदेश से जनना, योबब, और ज़िबिया, और मेशा, और मल्कम,
१० और येऊज़, और शकिया, और मिर्मा। यही उसके बेटे थे, पित्रों के मुखिया।
११ और हुशिम से उसने जनना अबितब, और एलपअल।
१२ एलपअल के बेटे; इबर, और मिशम, और श्मेद, जिसने निर्माण किया, ओनो और लोद का, उसकी नगरीयों के साथ:
१३ बेरीया भी, और शेमा, जो कि आयलोन के निवासियों के पित्रों के मुखिया थे, जिन्होंने गथ के निवासियों को परे खदेड़ डाला:
१४ और अहयो, शशक, और यरेमोथ,
१५ और ज़ेबदिया, और अरद, और अदेर,
१६ और मिखाएल, और इसपा, और योहा, बेरीया के ही बेटे;
१७ और ज़ेबदिया, और मेशुल्लम, और हेज़ेकि, और हेबर,
१८ ईषमेरी भी, और येज़लिया, और योबब, एलपअल के बेटे;
१९ और यकिम, और ज़िकरी, और ज़ब्दी,
२० और एलिएनय, ज़िलथय, और एलिएल,
२१ और अदाया, और बेराया, और शिमरथ, शिमहि के ही बेटे;
२२ और इश्पन, और हेबर, और एलिएल,
२३ और अब्दोन, और ज़िकरी, और हनन,
२४ और हननिया, और एलम, और अन्तोथिया,
२५ और इफ़ेदेया, और पेनुएल, शशक के बेटे;
२६ और शमशेरी, और शेहरिया, और अथलिया,
२७ और यरेसिया, और एलिया, और ज़िकरी, यरोहम के बेटे।
२८ यही पित्रों के मुखिया थे, अपनी पीढ़ियोंनुसार, प्रमुख पुरुष। यही यरूशलेम में बसते थे।
२९ और गिब्यन में गिब्यन का पिता निवास करता था; जिसकी पत्नी का नाम मअकाह था:
३० और उसका प्रथम-जन्मा बेटा अब्दोन, और ज़ुर, और किश, और बअल, और नदाब,
३१ और गेदर, और अहयो, और ज़कर।
३२ और मिकलोथ ने जनना शिमेया। और यह भी अपने भाई-जनो के साथ यरूशलेम में बसते तेः, उनके विपरीत ही।
३३ और नर ने जनना किश, और किश ने जनना शाऊल, और शाऊल ने जनना योनातन, और मल्कीशुआ, और अबिनादब, और एशबअल।
३४ और योनातन का बेटा था मेरिबअल; और मेरिबअल ने जनना मिका।
३५ और मिका के बेटे थे, पितोन, और मेलेक, और तरेया, और अहज़।
३६ और अहज़ ने जनना येहोअदा; और येहोअदा ने जनना अलेमेत, और अज़्मवथ, और ज़िमरी; और ज़िमरी ने जनना मोज़ा,
३७ और मोज़ा ने जनना बिनेया; रफा था उसका बेटा, एलेसाह उसका बेटा, अज़ेल उसका बेटा:
३८ और अज़ेल के छह बेटे थे, जिनके यह नाम हैं, अज़रिकम, बोकेरू, और इश्मएल, और शेरियाह, और ओबदिया, और हनन। यह सभी अज़ेल के बेटे थे।
३९ और एशेक उसके भाई के बेटे थे, उलम उसका प्रथम-जन्मा, येहुश वो दूसरा, और एलिफलत तीसरा।
४० और उलम के बेटे पराक्रमी शूरवीर पुरुष थे, धनुर-धारी ही, और उनके कई बेटे थे, और बेटों के बेटे, एक सौ पचास ही। यह सभी बिन्यामिन के बेटे हैं।
नौवाँ अध्याय।
१ तो समस्त इस्राएल वंशावलियों से गिन लिए गए थे; और देखो तो, यही इस्राएल और यहूदा के राजाओं की पुस्तक में लिख दिए गए थे, जिन्हें उनके उल्लंघन के कारण बेबिलोन परे निर्वासित उठा ले जाया गया था।
२ तो अब वो प्रथम निवासी जो अपने नगरों में अपने अधिकारों में बसे थे, इस्राएल-वंशज, वो पुरोहित, लेवी-वंशज, और नेथिनिम-गण।
३ और यरूशलेम में यहूदा की सन्तानें, और बिन्यामिन की सन्तानें, और एफ्रैम और मनश्शे की सन्तानें निवास करती थीं;
४ उथय अम्मिहुद, ओम्री का बेटा, इम्री का बेटा, बनी का बेटा, यहूदा के बेटे फैरेज़ की सन्तानों में से।
५ और शिलो-वासियों में से; असायाह वो प्रथम-जन्मा, और उसके बेटे।
६ और ज़ेरा के बेटों में से; येउल, और उसके भाई-जन, छह सौ नब्बे।
७ और बिन्यामिन के बेटों में से; सल्लू मेशुल्लम का बेटा, होदविया का बेटा, हसेनुआ का बेटा,
८ और इब्नेया यरोहम का बेटा, और एला उज़्ज़ी का बेटा, मिक्री का बेटा, और मेशुल्लम शेफतिया का बेटा, रूएल का बेटा, इब्निया का बेटा;
९ और उनके भाई-जन उनकी पीढ़ियोंनुसार, नौ सौ छप्पन। यह सभी पुरुष पिताओं के प्रमुख थे उनके पित्रों के घराने में।
१० और पुरोहितों में से; येदाया, और येहोअरिब, और याकिन,
११ और अज़रिया हिल्किया का बेटा, मेशुल्लम का बेटा, ज़दोक का बेटा, मेरायोथ का बेटा, अहितब का बेटा, ईश्वर के घर का निर्देशक;
१२ और अदाया यरोहम का बेटा, पशुर का बेटा, मलकियाह का बेटा, और मअसिया अदीएल का बेटा, याज़ेरह का बेटा, मेशुल्लम का बेटा, मेशिल्लेमित का बेटा, इम्मर का बेटा;
१३ और उनके भाई-जन, उनके पित्रों के घराने के मुखिया, ईश्वर के घर की सेवा के कार्य हेतु अति सुयोग्य, एक हज़ार सात सौ साठ।
१४ और लेवी-वंशजों में से; शेमाया हस्सुब का बेटा, अज़्रिकम का बेटा, हशबिया का बेटा, मरेरी के ही बेटों में से;
१५ और बकबकर, हेरश, और गलल, और मत्तनियाह मिका का बेटा, ज़िकरी का बेटा, असफ का बेटा;
१६ और ओबदिया शेमाया का बेटा, गलल का बेटा, यदुतुन का बेटा, और बरेकिया आसा का बेटा, एलकना का बेटा, जो नतोफथियों के गावों में निवास करते थे।
१७ और द्वारपाल थे, शल्लुम, और अक्कुब, और तलमोन, और अहिमन, और उनके भाई- जन: शल्लुम प्रमुख था;
१८ जो राजा के दरवाज़े पर पूर्व की ओर नियुक्त था: यह द्वारपाल थे लेवी की सन्तानों के शिविरों में।
१९ और शल्लुम कोरे का बेटा, एबियसफ का बेटा, कोरह का बेटा, और उसके भाई-जन, उसके पिता के घराने वाले, कोरहथी, सेवाकार्य पर नियुक्त थे, तम्बू के दरवाज़ों के पहरेदार ही: और उनके पिता, प्रभु की सेना पर नियुक्त, प्रवेश की पहरेदारी करते थे।
२० और एलाज़र का बेटा फिनहास बीते कालों में उन पर अध्यक्ष था, और प्रभु उसके साथ थे।
२१ और ज़कर्या मेशलमिया का बेटा सभा के तम्बू के द्वार का द्वारपाल था।
२२ यह सभी जो दरवाज़ों पर द्वारपाल बनने हेतु चुने गए थे दो सौ बारह थे। इन्हीं की गणना उनके गावों में उनकी वंशावलियोंनुसार की गई थी, जिन्हें दाऊद और उस भविष्यदर्शक शमुएल ने उनके स्थापित पद पर विहित-नियुक्त किया था।
२३ तो उनके और उनकी सन्तानों के पास, बारी-बारी से, प्रभु के घर के, जो कि तम्बू का घर है, दरवाज़ों का निर्देशन-कार्यभार था।
२४ वह द्वारपाल चारों दिशाओं में थे, पूर्व की ओर, पश्चिम की ओर, उत्तर, और दक्षिण।
२५ और उनके भाई-जन को जो उनके गावों में थे, सात दिनो पश्चात समय-समय पर उनके साथ आना होता था।
२६ चूँकि यही लेवी-वंशज, वो चार प्रमुख द्वारपाल अपने स्थापित पदाधिकार में थे, और कक्षों पर और ईश्वर के घर के धन-कोषों पर नियुक्त था।
२७ और वो ईश्वर के घर के चारों ओर निवास किया करते थे, चूँकि वो प्रभार उन पर था, और प्रत्येक प्रातः उन्हें ही उसे खोलना होता था।
२८ और उन में से कुछों के पास सेवाकार्य वाले पात्रों का प्रभार था, कि वो उन्हें भीतर गिन-गिन कर लाएँ।
२९ उन्हीं में से कुछ पात्रों का, और पुण्य-स्थान के समस्त यन्त्र-उपकरणों का, और बारीक आटे का, और अंगूर-रस का, और तेल का, और गन्धरस का, और सुगन्धित-द्रव्यों का, निर्देशन करने हेतु नियुक्त थे।
३० और पुरोहितों के बेटों में से कुछ उन सुगन्धित-द्रव्यों वाली वो मरहम बनाया करते थे।
३१ और उन लेवी-वंशजों में से एक, मत्तिथ्या के पास ही, जो उस कोरह-वंशज वाले शल्लुम का प्रथम-जन्मा था, उन तवों पर बनाए जाने वाले पदार्थों पर स्थापित पदाधिकार था।
३२ और उनके अन्य भाई-जनो में से, कहाथ-वंशजों के बेटों में से ही, प्रत्येक सैबथ पर उस भेंट की रोटी की तैयारी पर नियुक्त थे।
३३ और यही गायक हैं, लेवी-वंशजों के पित्रों में से प्रमुख, जो कक्षों में रहते हुए मुक्त थे: क्योंकि वो उस कार्य में दिन और रात व्यवसायित थे।
३४ यही लेवी-वंशजों में से प्रमुख-पिता अपनी पीढ़ियों के सर्वत्र में प्रमुख थे; यही यरूशलेम में निवास करते थे।
३५ और गिब्यन में येईएल, गिब्यन का पिता निवास करता था, जिसकी पत्नी का नाम मअकाह था:
३६ और उसका प्रथम-जन्मा बेटा अब्दोन, फिर ज़ुर, और किश, और बअल, और नर, और नदब,
३७ और गेदोर, और अहयो, और ज़ेकर्या, और मिकलोथ।
३८ और मिकलोथ ने जनना शिमेम। और वो भी यरूशलेम में अपने भाई-जनो के साथ निवास करते थे, अपने भाई-जनो के विपरीत ही।
३९ और नर ने जनना किश; और किश ने जनना शाऊल; और शाऊल ने जनना योनातन, और मल्किशुआ, और अबिनादब, और एशबअल।
४० और योनातन का बेटा था मेरिबअल; और मेरिबअल ने जनना मिका।
४१ और मिका के बेटे थे, पितोन, और मेलेक, और तरेया, और अहज़।
४२ और अहज़ ने जनना यराह; और यराह ने जनना अलेमेत, और अज़्मवथ, और ज़िमरी; और ज़िमरी ने जनना मोज़ा,
४३ और मोज़ा ने जनना बिनेया; रफाया उसका बेटा, एलेसाह उसका बेटा, अज़ेल उसका बेटा:
४४ और अज़ेल के छह बेटे थे, जिनके यह नाम हैं, अज़रिकम, बोकेरू, और इश्मएल, और शेरियाह, और ओबदिया, और हनन। यह सभी अज़ेल के बेटे थे।
दसवाँ अध्याय।
१ अब वो पलिश्तिम-वंशज इस्राएल के विरुद्ध लड़ रहे थे; और इस्राएल के आदमी उन पलिश्तिम-वंशजों के सामने से भाग-खड़े हुए, और गिलबो पहाड़ में नीचे मर कर गिर गए।
२ और वो पलिश्तिम-वंशज शाऊल और उसके बेटों के पीछे पड़े हुए थे; और उन पलिश्तिम-वंशजों ने योनातन को, और अबिनादब को, और मल्किशुआ को मार डाला, शाऊल के बेटों को ही।
३ और वो युद्ध शाऊल के विरुद्ध घमासान हो चला, और उन धनुर्धारियों ने उसे भेद डाला; और वो उन धनुर्धारियों से घायल हो गया था।
४ तब शाऊल ने अपने अस्त्र-ढोने वाले से कहा, अपनी तलवार खींच कर मुझे उस से घोंप दे; कहिं ये बेख़तनित आएँ और मेरा दुष्प्रयोग कर दें। परन्तु उसके अस्त्र-ढोने वाले ने यह नहीं किया; क्योंकि वो घोरता से भयभीत हो गया था। इसलिए शाऊल एक तलवार लेकर उस पर गिर पड़ा।
५ और जब उसके अस्त्र-ढोने वाले ने देखा कि शाऊल मर चुका था, तो वो भी इसी प्रकार तलवार पर गिर पड़ा, और मर गया।
६ तो शाऊल मर गया, और उसके तीनों बेटे, और उसका सम्पूर्ण घराना एक साथ ही मर गए।
७ और घाटी में जो इस्राएल के समस्त आदमी थे, जब उन्होंने ये देखा कि वो तो भाग-खड़े हुए थे, और कि शाऊल और उसके बेटे मर चुके थे, तब उन्होंने अपने नगरों को त्याग दिया और भाग खड़े हुए; और उन पलिश्तिम-वंशजों ने आकर उन में निवास कर लिया।
८ और अगले दिन यह होने को आया, कि जब वो पलिश्तिम-वंशज मरे हुओं को लूटने आए, तो उन्होंने शाऊल और उसके बेटों को गिलबो पहाड़ में गिरा पड़ा पाया।
९ और जब उन्होंने उसे निर्वस्त्र कर डाला था, तो उन्होंने उसका सर और उसके अस्त्र-शस्त्र लेकर पलिश्तिम-वंशजों की भूमी में चारों-ओर भिजवा दिए, अपनी मूर्तियों के, और लोगों के बीच समाचार ले जाने हेतु।
१० और उन्होंने उसके अस्त्र-शस्त्र अपने इश्वरों के घर में लगा दिए: और उसके सर को दगोन के मंदिर में लगा दिया।
११ और जब समस्त यबेशगिलद ने वो सुना जो पलिश्तिम-वंशजों ने शाऊल के साथ कर डाला था;
१२ तो सभी शूरवीर पुरुष उठ गए, और शाऊल के शव को और उसके बेटों के शवों को उठा ले जाकर, उन्हें यबेश ले आए, और उनकी अस्थियों को यबेश में एक वृक्ष के तले दफ़ना दिया, और सात दिनो तक उपवास रखा।
१३ तो शाऊल अपने उस उल्लंघन के कारण मर गया जो उसने प्रभु के विरुद्ध कर डाला था, प्रभु के शब्द के विरुद्ध ही, जिसका उसने पालन नहीं किया, और एक प्रेतभावात्मा वाली से परामर्श लेने के लिए भी, उस से पूछ-ताछ करने हेतु;
१४ और प्रभु से पूछ-ताछ नहीं की उसने: इसी कारण वश उन्होंने उसे मार डाला, और राज्य को यिशय के बेटे दाऊद के प्रति मोड़ दिया।
ग्यारहवाँ अध्याय।
१ तब समस्त इस्राएल ने स्वयं को हेब्रोन में दाऊद के प्रति एकत्रित कर लिया, कहते हुए, देखें जी, हम तो आप ही का हाँड-माँस हैं जी।
२ और इसके अतिरिक्त भूत-काल में, जब शाऊल ही हम पर राजा थे, आप ही वो थे जो इस्राएल में बाहर नेतृत्व करते थे और भीतर ले आते थे: और प्रभु ने आपसे कहा, तुम मेरे जन इस्राएल का पोषण करोगे, और तुम मेरे गण इस्राएल पर शासक होगे।
३ इस कारण इस्राएल के समस्त वृद्ध-गण राजा के पास हेब्रोन आ पहुँचे; और प्रभु के सम्मुख राजा दाऊद ने उनके साथ हेब्रोन में एक प्रतिज्ञा-पत्र बना दिया: और उन्होंने इस्राएल पर दाऊद को राजा अभिषिक्त कर दिया, प्रभु के शब्दानुसार ही शमुएल द्वारा।
४ और दाऊद और समस्त इस्राएल यरूशलेम चले गए, जो कि यबुस है; यहाँ यबूसी-वंशज थे, भूमी के निवासी।
५ और यबुस के निवासियों ने दाऊद से कहा, तू यहाँ नहीं आएगा। तथापि दाऊद ने ज़ियोन के गढ़ पर अधिकार जमा लिया, जो कि दाऊद का नगर है।
६ और दाऊद ने कहा, जो कोई भी यबूसी-वंशजों को पहले परास्त कर देगा, प्रमुख और कप्तान बन जाएगा। यो ज़ेरुआया का बेटा योआब पहले चढ़ाई कर बैठा, और प्रमुख बन गया था।
७ और दाऊद गढ़ में बसा करता था; इसलिए वे उसे दाऊद का नगर कहा करते थे।
८ और उसने उस नगर का चारों ओर निर्माण किया, मिल्लो से लेकर ही चारों ओर: और योआब ने नगर के शेष का सुधार-निर्माण किया।
९ तो दाऊद प्रबल से प्रबल होता चला गया: चूँकि सेनाओं के प्रभु उसके साथ थे।
१० यही उन पराक्रमी पुरुषों के प्रमुख हैं जो दाऊद के पास थे, जिन्होंने स्वयं को उसके साथ उसके राज्य में, समस्त इस्राएल के साथ बलिष्ठ बनाया, उसे राजा बना देने हेतु, प्रभु के शब्दानुसार ही इस्राएल के समबन्ध में।
११ और यही उन पराक्रमी पुरुषों की संख्या है जो दाऊद के पास थे; यशोबेम, एक हक़मोनी, कप्तानों का प्रमुख: उसने अपना भाला उठाया उसके द्वारा तीन सौ मारे हुओं के विरुद्ध एक समय पर।
१२ और उसके बाद था एलाज़र दोदो अहोही का बेटा, जो उन तीन पराक्रमियों में से एक था।
१३ वो दाऊद के साथ पसदम्मिम में था, और वहीं वो पलिश्तिम-वंशज युद्ध करने एक साथ एकत्रित थे, जहाँ जौ से भरा धरती का एक खण्ड था: और लोग उन पलिश्तिम-वंशजों से भाग गए थे।
१४ और उन्होंने स्वयं को उस धरती के खण्ड के बीचों-बीच स्थित कर दिया, और उसे बचा लिया, और उन पलिश्तिम-वंशजों को मार डाला; और प्रभु ने उन्हें एक महा-उद्धार से बचा लिया।
१५ अब उन तीस कप्तानों में से तीन दाऊद के पास उस चट्टान में नीचे चले गए, अद्युल्लम की गुफा में ही: और पलिश्तिम-वंशजों की सेना रेफईम की घाटी में डेरा डाले हुए थी।
१६ और दाऊद तब दुर्ग में था, और उन पलिश्तिम-वंशजों की चौकी तब बेतलेहम में थी।
१७ और दाऊद ने लालसाहित होकर कहा, काश कि कोई मुझे दरवाज़े के साथ वाले बेतलेहम के उस कूएँ का पानी पीने के लिए दे दे!
१८ और वो तीन उन पलिश्तिम-वंशजों की सेना को तोड़-फाड़ कर भेदते हुए दरवाज़े के साथ वाले उस बेतलेहम के कूएँ का पानी बाहर खींचकर उसे लेकर उसे दाऊद के पास ले आए: परन्तु दाऊद ने उस में से नहीं पिया, बल्कि उसे प्रभु के प्रति बाहर उँडेल दिया,
१९ और कहा, इसे तो मुझ से दूर ही रहने दें, मेरे ईश्वर, कि मैं यह कर दूँ: क्या मैं इन पुरुषों का रक्त पीयूँगा जिन्होंने अपने जीवनों को संकट में डाल दिया है? अपनी जान पर खेल कर यह इसे लाए हैं! इसलिए उसने उसे नहीं पिया। यही कार्य इन तीन अति-पराक्रमियों ने किए थे।
२० और योआब का भाई अबिशय, उन तीनों का प्रमुख था: अपना भाला तीन सौ के विरुद्ध उठा कर, उन्हें मार डाल देने के कारण, और उन तीनों के बीच वो नामी था।
२१ वो उन तीनों में से, उन दो की तुलना में अधिक सम्मानित था; चूँकि वो उनका कप्तान था: तथापि वो उन प्रथम तीनों तक नहीं पहुँच सका।
२२ येहोयदा का बेटा बेनाया, कब्ज़ील के एक पराक्रमी पुरुष का बेटा, जिसने कई कार्य किए थे, उसने मोआब के दो शेर जैसे आदमियों को मार डाला था: उसने नीचे जाकर एक शेर को भी एक हिम वाले दिन में एक गड्ढे में मार डाला था।
२३ और उसने एक मिस्र-वासी को मार डाला था, एक आदमी बहुत ऊँचे कद वाला, पाँच हाथ ऊँचा: और उस मिस्र-वासी के पास एक भाला था उसके हाथ में, एक जुलाहे के करघे की शाट के जैसा; और वो उसके पास नीचे एक लट्ठ के साथ गया, और उस मिस्र-वासी के हाथ में से वो भाला छीन लिया, और उसे उसी के अपने ही भाले से मार डाला।
२४ यह कार्य येहोयदा के बेटे बेनाया ने किए, और उन तीन पराक्रमियों के बीच उसका नाम था।
२५ देखो तो, वो उन तीसों के बीच आदरणीय था, परन्तु वो उन प्रथम तीनों तक नहीं पहुँच सका: और दाऊद ने उसे उसके रक्षकों पर नियुक्त कर दिया।
२६ और सेनाओं के शूरवीर पुरुष यह थे, योआब का भाई असहेल, बेतलेहम के दोदो का बेटा एलहनन,
२७ शम्मोथ वो हरोरी, हलज़ वो पलोनी,
२८ इक्केश उस तेकोई का बेटा आयरा, अबिएज़र वो अनथोथ-वाला,
२९ सिबेक्काय वो हूशय-वंशज, इलाय वो अहोही,
३० महराय वो नतोफथी, बअना उस नतोफथी का बेटा हेलेद,
३१ बिन्यामिन की सन्तानों के गिब्या में से रिबय का बेटा इतई, बनाया वो पिराथुनि,
३२ गाश की नदियों का हुरय, अबियल वो अर्बाथी,
३३ अज़्मवथ वो बरूमी, एलिबा वो शअलबोनी,
३४ उस गिज़ोंने हाशेम के बेटे, उस हरारी शगे का बेटा योनातन,
३५ उस हरारी सकर का बेटा अहियम, उर का बेटा एलिफल,
३६ हेफर वो मेकेरथी, अहिया वो पलोनी,
३७ हेज़रो वो करमल वाला, एज़बय का बेटा नराय,
३८ नेथन का भाई योएल, हग्गेरी का बेटा मिभर,
३९ ज़लक वो अम्मोन-वंशज, नहरय वो बीरोथ-वाला, ज़रुआया के बेटे योआब का युद्ध-सामग्री ढोने वाला,
४० आयरा वो इथ्री, गरब वो इथ्री,
४९ ऊरिया वो हित्ती-वंशज, अहलय का बेटा ज़बद,
४२ शिज़ा उस रूबेन-वंशज का बेटा अदिना, उन रूबेन-वंशजों का एक कप्तान, और तीस उसके साथ-साथ,
४३ मअकाह का बेटा हनन, और योशफट वो मिथनी,
४४ उज़्ज़िया वो अशतेरी, उस अरोरी होथन के बेटे शमा और येईएल,
४५ शिमरी का बेटा येदिएल, और योहा उसका भाईम वो तिज़्ज़ी,
४६ एलिएल वो महवी, और येरिबय, और योशविया, बेटे एलनअम, और उस मोआब-वंशज इथमा के,
४७ एलिएल, और ओबेद, और यसीएल वो मेसोबी।
बारहवाँ अध्याय।
१ तो अब यही वो हैं जो दाऊद के पास ज़िकलग आ पहुँचे थे, जैसे वो स्वयं को किश के बेटे शाऊल के कारण रोके हुए ठहरा था: और यह उन पराक्रमी पुरुषों के बीच थे, युद्ध हेतु सहायक।
२ यह धनुषों से सशस्त्रित थे, और दोनो दाएँ और बाएँ हाथ का प्रयोग पत्थर फेंकने में और धनुष से बाणों को छोड़ने में कर सकते थे, बिन्यामिन के शाऊल के भाई-जन ही।
३ वो प्रमुख अहिएज़र था, फिर योअश, शेमआह उस गिब्यथी के बेटे; और येज़िएल, और पलेत, अज़्मवथ के बेटे; और बेराका, और येहु वो अनथोथ-वाला,
४ और इस्मायाह वो गिब्यन-वाला, एक पराक्रमी पुरुष उन तीसों के बीच, और उन तीसों पर नियुक्त; और यिर्मियाह, और यहज़िएल, और योनातन, और योसबद वो गेदेरा-वाला,
५ एलुज़य, और येरिमोत, और बेलिया, और शेमरिया, और शेफतिया वो हरुफ-वाला,
६ एलकना, और येसिया, और अज़रील, और योएज़र, और यशोबेम, वो कोरह-वंशज,
७ और योएला, और ज़ेबदिया, गदर के यरोहम के बेटे।
८ और उन गाद-वंशजों में से वहाँ दाऊद के प्रति गढ़ में जँगली-क्षेत्र में स्वयं पृथक हुए पराक्रमी पुरुष, और योद्धा पुरुष रण हेतु सुयोग्य, जो ढाल और भाले को सम्भाल सकते थे, जिनके चेहरे शेरों के चेहरों समान थे, और जो पर्वतों पर चिकारों समान वेग रखते थे;
९ एज़र वो पहला, ओबदिया वो दूसरा, एलिआब तीसरा,
१० मिषमन्नाह चौथा, यिर्मियाह पाँचवाँ,
११ अत्तई छटा, सातवाँ एलिएल,
१२ योहानन आठवाँ, एलज़बद नौवाँ,
१३ यिर्मियाह दसवाँ, मकबनय ग्यारहवाँ,
१४ यही गाद के बेटों में से थे, सेना के कप्तान: एक सबसे न्यूनतमों में से एक सौ पर नियुक्त था, और सबसे महानतम एक हज़ार पर।
१५ यही वो हैं जो यर्दन पार कर गए थे प्रथम माह में, जब वो अपने समस्त किनारों को पार कर चली थी; और उन्होंने घाटियों वाले उन सभी को भगा दिया था, दोनो पूर्व की ओर, और पश्चिम की ओर।
१६ और बिन्यामिन और यहूदा की सन्तानों में से दाऊद के पास गढ़ में से आ पहुँचे।
१७ और दाऊद उनसे मिलने हेतु बाहर आया, और उसने उत्तर दिया और उनसे कहा, यदि तुम शान्तिप्रीयता से मेरे पास मेरी सहायता करने हेतु आए हो, तो मेरा हृदय तुम्हारे साथ जुड़ जाएगा: परन्तु यदि तुम मेरा मेरे शत्रुओं के हाथों विश्वासघात करने आए हो, ये देखते हुए कि मेरे हाथों में कोई त्रुटि नहीं है, तो हमारे पित्रों के ईश्वर देख लें इसे, और निंदा कर दें उसकी।
१८ तब भावात्मा अमसय पर उतर पड़े, जो कि उन कप्तानों का मुखिया था, और उसने कहा, आपके ही हैं हम दाऊद, और आपके साथ ही हैं हम, आप यिशय के बेटे: शान्ति, शान्ति आपके प्रति हो,और शान्ति आपके सहायकों के प्रति हो; चूँकि आपके ही ईश्वर आपकी सहायता करते हैं। तब दाऊद ने उन्हें ग्रहण कर लिया, और उन्हें सैन्य-दल के कप्तानों की नियुक्ति प्रदान कर दी।
१९ और मनश्शे में से कुछ दाऊद की ओर गिरे, जब वो उन पलिश्तिम-वंशजों के साथ शाऊल के विरुद्ध युद्ध करने आया था: परन्तु उन्होंने उनकी सहायता नहीं की: चूँकि उन पलिश्तिम-वंशजों के प्रभुओं ने परामर्श ले चुकने पर उसे परे भेज दिया था, कहते हुए, भई ये तो अपने मालिक शाऊल की ओर गिर जाएगा हमारे सरों को संकट में डालता हुआ।
२० जैसे वो ज़िकलग जा रहा था, मनश्शे में से उसकी ओर गिरे, अदना, और योज़बद, और येदिएल, और मिखाएल, और योज़बद, और एलिहू, और ज़िलथई, उन हज़ारों के कप्तान जो मनश्शे से थे।
२१ और उन्होंने लुटेरों के दल के विरुद्ध दाऊद की सहायता की: चूँकि वो सभी पराक्रमी शूरवीर थे, और सेना में कप्तान थे।
२२ क्योंकि उसी समय दिन-प्रति-दिन दाऊद के पास उसकी सहायता करने हेतु आते जा रहे थे, जब तक कि वो एक विशाल सेना थी, ईश्वर की सेना के जैसी ही।
२३ और यही उन सैन्य-दलों की संख्याएँ हैं जो युद्ध करने हेतु सशस्त्रित उद्यत थीं, और हेब्रोन में दाऊद के पास आ गए थे, शाऊल के राज्य को उसकी ओर मोड़ देने हेतु ही, प्रभु के शब्दानुसार ही।
२४ यहूदा की सन्तानें जो ढाल और भाला उठाएँ थीं छह हज़ार आठ सौ थीं, युद्ध करने हेतु तैयार।
२५ शिमोन की सन्तानों में से युद्ध हेतु पराक्रमी शूरवीर पुरुष, सात हज़ार एक सौ थे।
२६ लेवी की सन्तानों में से चार हज़ार छह सौ।
२७ और येहोयदा हारुन-वंशजों का प्रमुख था, और उसके साथ तीन हज़ार सात सौ थे;
२८ और एक युवा पराक्रमी शूरवीर पुरुष ज़दोक, और उसके पिता के घराने में से बाईस कप्तान।
२९ और बिन्यामिन की सन्तानों में से, शाऊल के कुल वाले, तीन हज़ार: चूँकि अब तक भी उनके अधिक्तम भाग ने शाऊल के घराने की देख-रेख सम्भाली हुई थी।
३० और एफ्रैम की सन्तानों में से बीस हज़ार आठ सौ, पराक्रमी शूरवीर पुरुष, अपने पित्रों के घराने के सर्वत्र में कीर्तीमान।
३१ और मनश्शे की अर्ध-प्रजाती में से अठ्ठारह हज़ार, जो कि उनके नामों से उल्लिखित थे, आकर दाऊद को राजा बनाने हेतु।
३२ और इस्सकार की सन्तानों में से, वो पुरुष जो समयों की समझ रखते थे, यह ज्ञान रखते हुए कि इस्राएल को क्या-क्या करना चाहिए; उन्हीं के मुखिया दो सौ थे; और उनके समस्त भाई-जन उन्हीं के आदेश हेतु प्रस्तुत थे।
३३ ज़बूलून में से, ऐसे जो युद्ध करने बाहर निकलते थे, रण-नीति विशेषज्ञ, युद्ध हेतु समस्त अस्त्रों-शास्त्रों के साथ, पचास हज़ार, जो क्रम-पंक्ति बनाए रख सकते थे: यही दो-चित्त मन रखने वाले नहीं थे।
३४ और नफ़्तालि में से एक हज़ार कप्तान, और उन्हीं के साथ ढाल और भाले लिए सैंतीस हज़ार।
३५ और दान-वंशजों में से रण-नीति विशेषज्ञ अठाईस हज़ार छह सौ।
३६ और आशेर में से, ऐसे जो युद्ध करने बाहर निकलते थे, रण-नीति विशेषज्ञ, चालीस हज़ार।
३७ और यर्दन के उस पार, रूबेन-वंशजों, और गाद-वंशजों, और मनश्शे की आधी प्रजाती में से, रण हेतु युद्ध वाले समस्त रीती के अस्त्रों-शास्त्रों के साथ, एक लाख बीस हज़ार।
३८ यह सभी योद्धा-पुरुष जो क्रम-पंक्ति रचा कर रख सकते थे, एक परिपूर्ण हृदय लिए हेब्रोन आ पहुँचे, दाऊद को समस्त इस्राएल पर राजा बना देने हेतु: और इस्राएल के शेष भी एक चित्त-मन वाले थे, दाऊद को राजा बना देने के लिए।
३९ और वहीं वो दाऊद के साथ ही थे तीन दिन, खाते और पीते हुए: क्योंकि उनके भाई-जनों ने उनके लिए तैयारी कर दी थी।
४० इसके अतिरिक्त वो जो उनके निकटवर्ती थे, इस्सकार और ज़बूलून और नफ़्तली के निकट ही, गधों पर, और ऊँटों पर, और खच्चरों पर, और बैलों पर, रोटी और भोजन, और आटा, और किशमिशों के गुच्छे, और अंगूर-रस, और तेल, और साँड, और भेड़ें अत्याधिकता से ले आए: क्योंकि इस्राएल में हर्षोल्लास था।
तेरहवाँ अध्याय।
१ और दाऊद ने हज़ारों और सौ-सौ के कप्तानों से, और प्रत्येक प्रमुख से परामर्श लिया।
२ और दाऊद ने इस्राएल की समस्त सभा से कहा, यदि तुम्हें यह अच्छा प्रतीत है, और कि ये प्रभु हमारे ईश्वर की ओर से ही है, तो हम प्रत्येक स्थान में अपने भाई-जनों के पास बाहर भिजवा देते हैं, जो कि इस्राएल की समस्त भूमी में शेष बचे रह गए हैं, और उनके साथ ही उन पुरोहितों और लेवी-वंशजों को भी जो अपने नगरों और सार्वजनिक-भूमियों में हैं, ताकि वो स्वयं को हमारे पास ही एकत्रित कर लें:
३ और हम पुनः अपने ईश्वर के संदूक को अपने पास ही ले आएँल क्योंकि हमने संदूक से शाऊल के दिनों में पूछ-ताछ नहीं की थी।
४ और समस्त सभा ने कहा कि वो ऐसा ही कर देंगे: क्योंकि यह बात सभी लोगों की दृष्टि में सही थी।
५ तो दाऊद ने समस्त इस्राएल को एक साथ एकत्रित किया, मिस्र के शिहोर से लेकर हेमत के प्रवेश तक भी, किरयथयरिम से ईश्वर के संदूक को ले आने हेतु।
६ और दाऊद ऊपर जा रहा था और समस्त इस्राएल, बलाह की ओर, किरयथयरिम ही, जो कि यहूदा के अधिकार में था, वहाँ से प्रभु ईश्वर के संदूक को ले आने हेतु, जो चेरुबिमों के बीच ही निवास करते हैं, जिनका नाम उस संदूक पर पुकारा जाता है।
७ और वह ईश्वर के उस संदूक को एक नई गाड़ी में उठा कर अबिनादब के घर में से बाहर ले आए: और उज़्ज़ा और अहयो उस गाड़ी को हाँक रहे थे।
८ और दाऊद और समस्त इस्राएल ईश्वर के सम्मुख अपनी सम्पूर्ण शक्ति के साथ वाद्य-यन्त्र बजा रहे थे, और गीत-गान के साथ, और वीणाओं के साथ, और सारंगियों के साथ, और ढपलियों के साथ, और झाँझों के साथ, और चिंघाड़ों के साथ।
९ और जब वो किदोन के खलिहान तक पहूँच गए थे, तो उज़्ज़ा ने संदूक को अपना हाथ आगे बढ़ा कर पकड़ लिया; क्योंकि वो बैल ठोकर खा गए थे।
१० और प्रभु का क्रोध उज़्ज़ा के विरुद्ध सुलग उठा; और उन्होंने उस पर प्रहार कर डाला, चूँकि उसने संदूक को अपने हाथ से पकड़ लिया था: और वो वहीं ईश्वर के समक्ष ही ढेर हो गया।
११ और दाऊद अप्रसन्न था, चूँकि प्रभु उज़्ज़ा पर फूट पड़े थे: इस कारण वश इस दिन तक वो स्थान पेरेज़उज़्ज़ा कहलाया जाता है।
१२ और दाऊद उस दिन ईश्वर से डर गया था, कहता हुआ, मैं ईश्वर के संदूक को अपने पास कैसे लाऊँगा?
१३ तो दाऊद संदूक को दाऊद के नगर में अपने स्वयं के पास नहीं लाया: बल्कि उसे ओबेदएदोम उस गथी के घर में परे उठा ले गया।
१४ और ईश्वर का वो संदूक ओबेदएदोम के घर में तीन महीने उसके परिवार के साथ ही ठहरा रहा: और प्रभु ने ओबेदएदोम के घर-बार को आशीर्वाद दिया, और उस सभी को जो उसके पास था।
चौदहवाँ अध्याय।
१ अब टाय्र के राजा हिरम ने दाऊद के पास दूत, और देवदारों की लकड़ी, राजमिस्त्रियों और बढ़ईयों के साथ भेजे: उसके लिए एक निवास के निर्माण हेतु।
२ और दाऊद ने आभास किया कि प्रभु ने उसे इस्राएल के ऊपर राजा संस्थापित कर दिया था, और कि उन्होंने अपने गण इस्राएल के कारण उसके राज्य को ऊपर ऊँचा उठा दिया था।
३ और दाऊद ने यरूशलेम में और पत्नियाँ ले लीं: और दाऊद ने और बेटे और बेटियाँ जनने।
४ अब यह उनके नाम हैं जो उसे यरूशलेम में पैदा हुए थे; शम्मुआ, और शोबब, नेथन, और सुलेमान,
५ और इभर, और एलिशुआ, और एलपलत,
६ और नोगा, और नेफेग, और यफिया,
७ और एलिशमा, और बीलिअदा, और एलिफलेत।
८ और जब उन पलिश्तिम-वंशजों ने सुना कि समस्त इस्राएल पर दाऊद को राजा अभिषिक्त कर दिया गया था, तो वो समस्त पलिश्तिम-वंशज दाऊद को ढूँढने चढ़ाई कर पड़े; और दाऊद ने इसके विषय में सुना, और उनके विरुद्ध बाहर निकल पड़ा।
९ और उन पलिश्तिम-वंशजों ने भी आकर स्वयं को रेफईम की घाटी में फैला दिया।
१० और दाऊद ने ईश्वर से पूछ-ताछ की, कहते हुए, जी क्या मैं इन पलिश्तिम-वंशजों के विरुद्ध चढ़ाई कर दूँ? और क्या आप उन्हें मेरे हाथ में प्रदान कर देंगे? और प्रभु ने उस से कहा, चले जाओ ऊपर: क्योंकि मैं उन्हें तुम्हारे हाथ में प्रदान कर दूँगा।
११ तो वह बअलपेरज़िम तक ऊपर आ पहुँचे, और दाऊद ने उन्हें वहाँ परास्त कर डाला। तब दाऊद ने कहा, ईश्वर ने मेरे शत्रुओं के अंदर फूट मचा दी है मेरे हाथ द्वारा, पानियों के फूट पड़ने के समान ही। इसलिए उन्होंने उस स्थान का नाम बअलपेरज़िम रख दिया।
१२ और जब उन्होंने अपनी प्रतिमाएँ वहीं छोड़ दी थीं, दाऊद ने एक आदेश दिया, और उन्हें अग्नी से भस्म कर दिया गया था।
१३ और उन पलिश्तिम-वंशजों ने पुनः स्वयं को घाटी में फैला दिया।
१४ इसलिए दाऊद ने ईश्वर से पुनः पूछ-ताछ की; और ईश्वर ने उस से कहा, तुम उनके पीछे-पीछे चढ़ाई मत करना; उनसे परे मुड़ जाना, और उन पर उन बकाम के पेड़ों के सामने से आ पड़ना।
१५ और यह ऐसा होगा, कि जब तुम उन बकाम के पेड़ों की चोटीयों में कदम-ताल की एक ध्वनि सुनोगे, कि तब तुम युद्ध करने बाहर निकल पड़ना: चूँकि ईश्वर तुम्हारे आगे-आगे बाहर निकल जा चुके हैं उन पलिश्तिम-वंशजों की सेना को पीट डालने हेतु।
१६ इसलिए दाऊद ने ऐसा ही किया, जैसा ईश्वर ने उसे आदेश दिया था; और उन्होंने उन पलिश्तिम-वंशजों की सेना को गिब्यन से लेकर गज़र तक भी पीट डाला।
१७ और दाऊद की ख्याति समस्त भूमियों में बाहर फैल गई; और प्रभु उसका भय सभी राष्ट्रों पर ले आए।
पन्द्रहवाँ अध्याय।
१ और दाऊद ने अपने लिए दाऊद के नगर में घरों का निर्माण किया, और ईश्वर के संदूक के लिए एक स्थान उद्यत किया, और उसके लिए एक तम्बू गाढ़ा।
२ तब दाऊद ने कहा, किसी को भी ईश्वर के संदूक को नहीं उठाना चाहिए सिवाय लेवी-वंशजों के: चूँकि उन्हें ही प्रभु ने ईश्वर के संदूक को उठाने हेतु, और उनकी सदैव सेवा करने हेतु चुना हाउ।
३ और दाऊद ने समस्त इस्राएल को एक साथ यरूशलेम में एकत्रित कर लिया प्रभु के संदूक को उसके स्थान तक ऊपर ले आने हेतु, जिसे उसने उसके लिए उद्यत किया था।
४ और दाऊद ने हारुन के बेटों को, और लेवी-वंशजों को एकत्रित किया:
५ कहाथ के बेटों में से; उरिएल वो प्रमुख, और उसके भाई-जन एक सौ बीस:
६ मरारी के बेटों में से; असाया वो प्रमुख, और उसके भाई-जन दो सौ बीस:
७ गेरशौम के बेटों में से; योएल वो प्रमुख, और उसके भाई-जन एक सौ तीस:
८ और एलीज़फान; शेमाया वो प्रमुख, और उसके भाई-जन दो सौ:
९ हेब्रोन के बेटों में से; एलिएल वो प्रमुख, और उसके भाई-जन अस्सी:
१० उज़्ज़िएल के बेटों में से; अम्मिनादब वो प्रमुख, और उसके भाई-जन एक सौ बारह:
११ और दाऊद ने उन पुरोहितों ज़दोक और अबिथर को, और उन लेवी-वंशजों को, उरिएल, असाया, और योएल, शेमाया, और एलिएल, और अम्मिनादब, को बुलवा भेजा,
१२ और उनसे कहा, तुम लेवी-वंशजों के पित्रों के प्रमुख हो: पुनीत कर लो तुम स्वयं को, दोनो तुम और तुम्हारे भाई-जन, ताकि तुम इस्राएल के प्रभु ईश्वर के संदूक को उसके स्थान तक ऊपर ले आओ जो मैंने उसके लिए उद्यत कर दिया है।
१२ चूँकि तुमने पहली बार यह नहीं किया था, प्रभु हमारे ईश्वर ने हम पर एक फूट डाल दी थी, क्योंकि हमने उनसे रीतिनुसार पूछ-ताछ नहीं की।
१४ तो उन पुरोहितों और उन लेवी-वंशजों ने स्वयं को पुनीत कर दिया इस्राएल के प्रभु ईश्वर के संदूक को ऊपर ले आने हेतु।
१५ और लेवी-वंशजों के बेटों से ईश्वर के संदूक को उस पर उसके डण्डों के साथ अपने कन्धों पर ढोया, जैसा मूसा ने प्रभु के शब्दानुसार आदेश दिया था।
१६ और दाऊद ने लेवी-वंशजों के प्रमुख से कहा उनके भाई-जनो को नियुक्त कर देने हेतु गायक बनने हेतु संगीत के वाद्य-यंत्रों, सारंगियों और वीणाओं और झाँझों के साथ, बजाते हुए, वाणी को हर्ष के साथ ऊपर उठाते हुए।
१७ तो उन लेवी-वंशजों ने योएल के बेटे हेमन को नियुक्त कर दिया; और उसके भाई-जनो में से, असफ बरेकिया का बेता; और मरारी के बेटों में से उनके भाई-जन, एथन कुशाया का बेता;
१८ और उनके साथ उनके द्वितीय-वर्ग वाले भाई-जन, ज़ेक़र्या, बेन, और यअज़िएल और शेमिरमोथ, और येहिएल, और उन्नी, एलिअब, और बेनाया, और मअसेया, और मत्तिथ्या, और एलिफले, और मिकनेया, और , और ओबेदएदोम, और येइएल, यही द्वार-पाल।
१९ तो वो गायक, हेमन, असफ, और एथन पीतल के झाँझों के साथ वादन करने नियुक्त थे;
२० और ज़क़र्या, और अज़िएल, और शेमिरमोथ, और येहिएल, और उन्नी, और एलिअब, और मअसेया, और बेनाया, अलमोथ पर सारंगियों के साथ ही;
२१ और मत्तिथ्या, और एलिफले, और मिकनेया, और ओबेदएदोम, और येइएल, और अज़ज़िया, शेमिनीथ पर वीणाओं के साथ ही प्रामुख्य रखते हुए।
२२ और केननिया, लेवी-वंशजों का प्रमुख, संगीत हेतु था: वो गाने के समबन्ध में निर्देशन करता था, चूँकि वह कुशल था।
२३ और बरेकिया और एलकना संदूक के लिए द्वार-पाल थे।
२४ और शेबनिया, और यहोशाफट, और नेथनील, और अमसय, और ज़ेक़र्या, और बेनाया, और एलिएज़र, वो पुरोहित, ईश्वर के संदूक के समक्ष चिंघाड़ों को बजाया करते थे: और ओबेदएदोम और येहिया संदूक के लिए द्वार -पाल थे।
२५ तो दाऊद, और इस्राएल के वृद्ध-गण, और हज़ारों पर कप्तान, हर्ष के साथ ओबेदएदोम के घर में से बाहर प्रभु के प्रतिज्ञा-पत्र के उस संदूक को ऊपर लाने हेतु चले गए।
२६ और यह होने को आया, कि जब ईश्वर ने उन लेवी-वंशजों की सहायता की जो प्रभु के प्रतिज्ञा-पत्र के उस संदूक को ढो रहे थे, कि उन्होंने सात साँड और सात मेढ़े चढ़ाए।
२७ और दाऊद महीन छालटी के एक चौग़े से आवृत था, और सभी लेवी-वंशज जो संदूक ढोए हुए थे, और वो गायक, और केननिया संगीत का निर्देशक गायकों के साथ: दाऊद पर एक छालटी का एफद भी था।
२८ तो समस्त इस्राएल प्रभु के प्रतिज्ञा-पत्र के उस संदूक को ऊपर ले आया चिल्लाहट के साथ, और झंकार की ध्वनि के साथ, और चिंघाड़ों के साथ, और झाँझों के साथ, सारंगियों और वीणाओं के साथ स्वर-ध्वनि बनाते हुए।
२९ और यह होने को आया, जैसे-जैसे प्रभु के प्रतिज्ञा-पत्र का वो संदूक दाऊद के नगर में आ रहा था, कि शाऊल की बेटी मिकल ने एक खिड़की में से बाहर देखते-देखते राजा दाऊद को नाचते हुए और बजाते हुए देखा: और उसने उसके साथ अपने हृदय में घृणा की।
सोलहवाँ अध्याय।
१ तो वो ईश्वर के संदूक को ले आए, और उसे उस तम्बू के मध्य में स्थित कर दिया जिसे दाऊद ने उसके लिए गाढ़ा था: और उन्होंने ईश्वर के सम्मुख जले-चढ़ावे और शान्ति-चढ़ावे चढ़ाए।
२ और जब दाऊद ने उन जले-चढ़ावों और शान्ति-चढ़ावों के चढ़ाने का अंत कर दिया था, तो उसने लोगों को प्रभु के नाम में आशीष दिया।
३ और उसने इस्राएल में से प्रत्येक को, दोनो पुरुष और स्त्री को, प्रत्येक को ही रोटी, और माँस का एक अच्छा भाग, और अंगूर-रस का एक माप बाँट दिए।
४ और उसने लेवी-वंशजों में से कुछों को नियुक्त कर दिया प्रभु के संदूक के समक्ष सेवा करने हेतु, और स्मरण में लाने हेतु, और इस्राएल के प्रभु ईश्वर को धन्यवाद देने और उनकी प्रशन्सा करने हेतु:
५ वो प्रमुख असफ, और उसके बाद ज़क़र्या, येइएल, और शेमिरमोथ, और येहिएल, और मत्तिथ्या, और एलिअब, और बेनाया, और ओबेदएदोम: और येइएल सारंगियों के साथ और वीणाओं के साथ; परन्तु असफ झाँझों के साथ स्वर-ध्वनि बनाता था;
६ बेनाया भी और यहज़िएल वो पुरोहित लगातार चिंघाड़ों के साथ ईश्वर के प्रतिज्ञा-पत्र के संदूक के सम्मुख।
७ तब उस दिन दाऊद ने यह भजन सर्व-प्रथम प्रदान किया प्रभु को धन्यवाद देने हेतु असफ और उसके भाई-जनो के हाथ में।
८ प्रभु को धन्यवाद दो, उनके नाम का आह्वान करो, उनके कर्मों को लोगों के बीच घोषित करो।
९ उनके प्रति गाओ, उनके प्रति भजन गाओ, उनके समस्त अद्भुत कार्यों के विषय में वार्तालाप करो।
१० उनके पवित्र नाम में तुम गर्व मनाओ: उनके हृदयों को जो प्रभु को खोजते हैं हर्ष मना लेने दो।
११ प्रभु को और उनकी शक्ती को ढूँढो, उनके चेहरे को निरन्तर ढूँढो।
१२ उनके आश्चर्यजनक कार्यों को जो उन्होंने किए हैं स्मरण में रखो, उनके अचम्भों को, और उनके मुख के न्याय-निर्धारणों को;
१३ हे तुम इस्राएल के बीज उनके सेवक, तुम याकूब की सन्तानों, उसके चुने हुओं।
१४ वही प्रभु हैं हमारे ईश्वर; उनके न्याय-निर्धारण समस्त पृथ्वी में हैं।
१५ तुम उनके विधान को सदैव स्मरण में रखना: वो शब्द जिसका उन्होंने एक हज़ार पीढ़ियों को आदेश दे दिया था;
१६ उसी विधान का ही जो उन्होंने अब्राहम के साथ बनाया था, और उस शपथ का ही इसहाक के प्रति;
१७ और उसी को ही याकूब के प्रति एक नियम के लिए संपुष्ट कर दिया, और इस्राएल के प्रति एक अनन्तकाल के प्रतिज्ञा-पत्र हेतु,
१८ कहते हुए, तुम्हें ही मैं कनान की भूमी प्रदान कर दूँगा, तुम्हारी विरासत का वो भाग;
१९ जब तुम बस थोड़े से ही थे, संख्या में कम ही, और उस में परदेशी ही।
२० और जब वो एक राष्ट्र से दूसरे राष्ट्र, और एक राज्य से किसी अन्य गण चलते फिरे;
२१ उन्होंने किसी भी आदमी को उनके साथ बुराई करने की अनुमती नहीं दी: हाँ भई, उन्होंने उनके वास्ते राजाओं को डाँटा,
२२ कहते हुए, मेरे अभिषिक्तों को मत छूना, और मेरे पैग़म्बरों को कोई भी हानी मत पहुँचाना।
२३ प्रभु के प्रति ही गाओ, समस्त पृथ्वी; दिन-प्रति-दिन उनके बचाव का समाचार सुनाते रहो।
२४ उनकी महिमा को अन्य-राष्ट्रों के बीच घोषित करो; उनके अद्भुत कार्यों को समस्त गणों के बीच।
२५ चूँकि प्रभु महान हैं, और महानता से ही प्रशंसनीय: समस्त इश्वरों से भी अधिक उनका भय माना जाना चाहिए।
२६ क्योंकि लोगों के समस्त ईश्वर-गण तो मूर्तियाँ ही हैं: परन्तु प्रभु ने स्वर्गों को सृजनाया है।
२७ महिमा और सम्मान उनकी उपस्थिति में हैं; शक्ती और प्रसन्नता उनके स्थान में हैं।
२८ प्रभु को प्रदान कर दो, तुम गणों के कुलवालों, प्रदान कर दो प्रभु को महिमा और शक्ती।
२९ प्रभु को प्रदान कर दो उनके नाम के सुयोग्य महिमा: एक भेंट ले आओ भई, और उनके समक्ष आ जाओ: प्रभु की पूजा करो पवित्रता के सौंदर्य में।
३० उनके सम्मुख डरो, समस्त पृथ्वी: यह संसार भी स्थिर हो जाएगा, ताकि वो हिला न दिया जाए।
३१ स्वर्गों को प्रसन्न हो जाने दो, और पृथ्वी को हर्ष मना लेने दो: और उन्हें राष्ट्रों के बीच कह देने दो, प्रभु ही राज कर रहे हैं।
३२ समुद्र को दहाड़ने दो, और उसकी भरपूरता को: खेतों को हर्षित हो जाने दो, और उस सभी को जो उस में हैं।
३३ तब वनों के वृक्ष गा उठेंगे प्रभु की प्रस्तुति में, चूँकि वो पृथ्वी का न्याय करने पधार रहे हैं।
३४ प्रभु को धन्यवाद दे दो; चूँकि वो अच्छे हैं; चूँकि उनकी करुणा सदा के लिए बनी रहते है।
३५ और तुम बोलो, बचा लें हमें, हमारे बचाव के ही ईश्वर, और हमें एक साथ ही एकत्रित कर दें, और हमारा अन्य-राष्ट्रों से उद्धार कर दें, ताकि हम आपके पवित्र नाम को धन्यवाद, और आपकी प्रशंसा में महिमा प्रदान कर दें जी।
३६ इस्राएल के प्रभु ईश्वर धन्य हों सदा से लेकर सदा तक। और सभी लोगों ने कहा, तथास्तु, और प्रभु की प्रशन्सा की।
३७ तो उसने प्रभु के विधान के संदूक के समक्ष असफ और उसके भाई-जनो को छोड़ दिया, संदूक के सम्मुख लगातार सेवा करने हेतु, जैसा कि प्रत्येक दिन के कार्य की आवश्यक्ता होती थी:
३८ और ओबेदएदोम उनके भाई-जनो के साथ, अड़सठ ही; ओबेदएदोम भी यदुतुन का बेटा और होसा द्वार-पाल बनने हेतु:
३९ और वो पुरोहित ज़दोक, और वो पुरोहित उसके भाई-जन, प्रभु के तम्बू के सम्मुख उस उच्च स्थान में जो गिब्यन में था,
४० प्रभु के प्रति जले-चढ़ावे चढ़ा देने हेतु उस जले-चढ़ावे वाली बलिवेदी पर ही निरन्तर प्रातः और संध्या, और वो कर देने हेतु उस सभी के अनुसार जो प्रभु के नियम में लिखा हुआ है, जो उन्होंने इस्राएल को आदेश दे दिया था;
४१ और उनके साथ हेमन और यदुतुन, और वो शेष जो चुने हुए थे, जो नाम से उल्लिखित थे, प्रभु को धन्यवाद देने हेतु, चूँकि उनकी करुणा सदा के लिए बनी रहती है;
४२ और उनके साथ हेमन और यदुतुन चिंघाड़ों और झाँझों के साथ उनके लिए जिन्हें स्वर-ध्वनि उत्पन्न करनी होती थी, और ईश्वर के संगीत वाद्य-यंत्रों के साथ। और यदुतुन के बेटे द्वार-पाल थे।
४३ और सभी लोगों ने प्रस्थान कर लिया प्रत्येक पुरुष ने अपने ही घर की ओर: और दाऊद अपने घर को आशीष देने हेतु वापस लौट चला।
सत्रहवाँ अध्याय।
१ तो अब यह होने को आया, जैसे दाऊद अपने घर में ही बैठा था, कि दाऊद ने नेथन उस पैग़म्बर से कहा, लो जी, मैं तो देवदारों के एक घर में निवास करता हूँ, परन्तु प्रभु के विधान का वो संदूक तो परदों तले ही है।
२ तब नेथन ने दाऊद से कहा, वो सभी कुछ कर दें जो कुछ भी आपके मन में है; चूँकि ईश्वर आपके साथ ही हैं।
३ और उसी रात यह होने को आया, कि ईश्वर के शब्द नेथन के पास आए, कहते हुए,
४ जाओ और मेरे सेवक दाऊद को बता दो, इस प्रकार कहते हैं प्रभु, तुम मेरे लिए एक घर का निर्माण मेरे निवास करने हेतु नहीं करोगे?
५ क्योंकि मैं तो किसी भी घर में नहीं बसा उस दिन से लेकर जब मैं इस्राएल को इस दिन तक भी ऊपर नहीं ले आया था, बल्कि एक शिविर से दूसरे शिविर तक, और एक तम्बू से लेकर दूसरे तक मैं चला हूँ।
६ जहाँ कहीं भी मैं समस्त इस्राएल के साथ चला हूँ, बोला मैं एक भी शब्द इस्राएल के न्यायाधीषों में से किसी से भी, जिन्हें मैंने इस्राएल मेरे लोगों को चराने का आदेश दिया था, कहते हुए, कि भई तुमने मेरे लिए एक देवदारों के एक घर का निर्माण क्यों नहीं किया है भई?
७ अब इसलिए इस प्रकार तुम दाऊद मेरे सेवक से बोलोगे, इस प्रकार कहते हैं सेनाओं के प्रभु, मैंने तुम्हें भेड़ों के पीछे-पीछे चलने से, भेड़शाला से ही ले लिया, ताकि तुम मेरे लोगों इस्राएल पर ही शासक बन जाओ:
८ और मैं तुम्हारे साथ ही रहा हूँ जहाँ कहीं भी तुम चलते गए, और तुम्हारे सामने से मैंने तुम्हारे समस्त शत्रुओं को काट डाला, और तुम्हारे लिए एक नाम बना दिया, पृथ्वी पर उन महान पुरुषों के नाम समान।
९ इसके अतिरिक्त मैं अपने लोगों इस्राएल के लिए एक स्थान नियुक्त करूँगा, और उन्हें रोप दूँगा, और वो अपने ही स्थान में निवास करेंगे, और अधिक अस्तव्यसत नहीं होंगे; न ही दुष्टता की सन्तानें उन्हें अब और अधिक सताएँगी, बीते हुए समयों के समान,
१० और उस समय से लकर जब मैंने अपने लोगों इस्राएल पर न्यायाधीषों को होने का आदेश दिया था। इसके अतिरिक्त मैं तुम्हारे समस्त शत्रुओं को आधीन कर दूँगा। इसके अतिरिक्त मैं तुम्हें बता रहा हूँ कि प्रभु तुम्हारे लिए एक घर का निर्माण करेंगे।
११ और यह होने को आएगा, कि जब तुम्हारे दिन पूर्ण हो जाएँगे, कि तुम्हें अपने पित्रों के साथ होने हेतु अवश्य ही चले जाना होगा, कि मैं तुम्हारे बीज को तुम्हारे पश्चात उठा दूँगा, जो तुम्हारे ही बेटों में से होगा; और मैं उसके राज्य को संस्थापित करूँगा।
१२ वही मेरे लिए एक घर का निर्माण करेगा, और मैं उसका सिंहासन सदा के लिए स्थापित कर दूँगा।
१३ मैं उसका पिता हूँगा, और वो मेरा बेटा होगा। और मैं अपनी दया को परे नहीं हटाऊँगा, जैसे मैंने उसे उस से हटा दिया था जो तुमसे पहले था:
१४ परन्तु मैं उसे अपने घर में और अपने राज्य में सदा के लिए संस्थापित कर दूँगा: और उसका सिंहासन सदा-सदा के लिए संस्थापित कर दिया जाएगा।
१५ इन्हीं समस्त शब्दोनुसार और इसी समस्त दृश्यानुसार ही, नेथन दाऊद से बोला।
१६ और राजा दाऊद आया और प्रभु के सम्मुख बैठ गया, और उसने कहा, जी मैं कौन हूँ, हे प्रभु ईश्वर जी, और क्या है मेरा घर, कि आप मुझे यहाँ तक ले आए हैं?
१७ और यह तो तब भी आपकी दृष्टि में एक छोटी सी ही बात ही थी, हे ईश्वर; चूँकि आपने तो अपने सेवक के घर के विषय में आने वाले बहुत समय के लिए भी बोल दिया है, और मुझे एक उच्च श्रेणी के पुरुष की रीतिनुसार मान प्रदान किया है, हे प्रभु ईश्वर जी?
१८ और आपके नौकर के सम्मान हेतु आपसे दाऊद और अधिक क्या बोल सकता है जी? चूँकि आप अपने सेवक से परिचित हैं।
१९ हे प्रभु, आपके सेवक के वास्ते, और आपके अपने ही हृदयानुसार, आपने यह सभी महानता क्रियान्वित कर दी है, इन सभी बातों को अवगत करा देने हेतु।
२० हे प्रभु, और कोई भी नहीं है आपके जैसा, न ही आपके सिवा और कोई भी अन्य ईश्वर है, उस सभीनुसार जो हमने अपने कानों से सुन लिया है।
२१ और पृथ्वी पर वो कौन सा एक राष्ट्र है आपके लोगों इस्राएल के समान, जिसका ईश्वर ने जाकर मुक्तिभुक्तान कर डाला उनको अपने ही प्रति गण बना देने हेतु, आपका एक महानता और भयानकता का नाम बना देने हेतु, आपके लोगों के सामने से राष्ट्रों को बाहर खदेड़ डालने द्वारा, जिनका आपने ही मिस्र में से बाहर मुक्तिभुक्तान कर डाला?
२२ क्योंकि आप ही ने अपने प्रति अपने गण इस्राएल को आप ही के अपने प्रति सदा के लिए एक गण बना दिया: और आप ही, प्रभु जी, उनके ईश्वर बन गए।
२३ अब इसलिए ही, हे प्रभु, वो बात जो आप अपने सेवक के समबन्ध में, और उसके घराने के समबन्ध में बोल चुके हैं, सदा के लिए स्थापित हो जाने दें, और वैसे ही कर दें जैसा अपने कह दिया है जी।
२४ इसे भी संस्थापित ही हो जाने दें, कि आपका नाम सदा के लिए आवर्धित होता रहे, कहते हुए, सेनाओं के प्रभु ही इस्राएल के ईश्वर हैं: यहाँ तक कि इस्राएल के प्रति ही एक ईश्वर: और अपने सेवक दाऊद के घराने को अपने समक्ष स्थापित हो जाने दें।
२५ चूँकि आप ही ने, हे मेरे प्रभु, अपने सेवक को बता दिया है कि आप ही उसके लिए एक घर का निर्माण करेंगे: इसलिए ही आपके सेवक ने अपने हृदय में आपके समक्ष प्रार्थना करना पा लिया है।
२६ और अब, प्रभु जी, आप ही ईश्वर हैं, और आपने ही ने इस भलाई का वचन अपने सेवक को दे दिया है:
२७ इसलिए अब यह आपको प्रसन्न कर दे कि आप अपने सेवक के घर को आशीष दे दें, ताकि वो आपके समक्ष सदा के लिए बना रहे: क्योंकि आप ही आशीष देते हैं, हे प्रभु, और वो सदा के लिए ही आशीषित रहेगा।
अट्ठारहवाँ अध्याय।
१ अब इसके पश्चात यह होने को आया, कि दाऊद ने उन पलिश्तिम-वंशजों को परास्त कर डाला, और उन्हें आधीन कर दिया, और गथ और उसके नगरों को पकड़ में ले लिया उन पलिश्तिम-वंशजों के हाथ में से बाहर।
२ और उसने मोआब को पीट डाला; और वो मोआब-वंशज दाऊद के नौकर बन गए, और उसके लिए भेंटें लाए।
३ और दाऊद ने ज़ोबा के राजा हदरेज़र को हमात तक भी पीट डाला, जैसे-जैसे वो फरात नदी तक अपने अधिराज्य को स्थापित करने गया था।
४ और दाऊद ने उस से लेकर एक हज़ार रथों, और सात हज़ार घुड़सवारों, और बीस हज़ार पैदल-सैनिकों पर अधिकार कर लिया: दाऊद ने समस्त रथों के घोड़ों की टाँगों की पृष्ठ-माँसपेशियों के कण्डरे भी काट डाले, परन्तु उन में से सौ रथों को आरक्षित कर लिया।
५ और जब दमिश्क के सिरियवासी ज़ोबा के राजा हदरेज़र की सहायता करने आए, तो दाऊद ने उन सिरीयावासियों में से बाईस हज़ार आदमी मार डाले।
६ तब दाऊद ने दमिश्क के सिरीया में चौकियाँ स्थापित कर दीं: और सिरीयावासी दाऊद के नौकर बन गए, और उपहार लाए। इस प्रकार प्रभु ने दाऊद का जहाँ कहीं भी वो गया, परिरक्षण किया।
७ और दाऊद ने हदरेज़र के नौकरों पर से उन स्वर्ण ढालों को ले लिया, और उन्हें यरूशलेम ले अया।
८ इसी प्रकार तिबहाथ से और कून से, हदरेज़र के नगरों से ही दाऊद अत्याधिक पीतल ले आया, जिस से सुलेमान ने उस पीतल के समुद्र को, और उन स्तम्भों को, और उन पीतल के पात्रों को निर्मित किया था।
९ तो जब हमात के राजा तोए ने सुना कि दाऊद ने ज़ोबा के राजा हदरेज़र की समस्त सेना को कैसे परास्त कर डाला था;
१० तो उसने अपने बेटे हदोरम को राजा दाऊद के पास भेजा, उसकी कुशल-मंगलता के विषय में पूछ-ताछ करने हेतु, और उसे बधाई देने हेतु, क्योंकि उसने हदरेज़र के विरुद्ध लड़ाई कर के उसे हरा दिया था: क्योंकि हदरेज़र तोए के साथ युद्ध किया करता था; और उसके साथ सोने और चाँदी और पीतल के समस्त प्रकार के पात्र:
११ इन्हें भी राजा दाऊद ने प्रभु के प्रति भी समर्पित कर दिया, उस रजत और सोने के साथ जो वो इन सभी राष्ट्रों से ले आया था; एदोम में से, और मोआब में से, और अम्मोन की सन्तानों में से, और उन पलिश्तिम-वंशजों में से, और अमालेक में से।
१२ इसके अतिरिक्त ज़रूआया के बेटे अबिशय ने एदोम-वंशजों में से नमक की घाटी में अट्ठारह हज़ार मार डाले थे।
१३ और उसने एदोम में चौकियाँ स्थापित कर दीं; और सभी एदोम वाले दाऊद के सेवक बन गए। इस प्रकार प्रभु ने दाऊद का जहाँ कहीं भी वो गया, परिरक्षण किया।
१४ तो दाऊद ने समस्त इस्राएल पर राज किया, और न्याय और इन्साफ़ अपने समस्त लोगों के बीच क्रियान्वित किया।
१५ और ज़रूआया का बेटा योआब सेना पर नियुक्त था; और अहिलुद का बेटा यहोशाफट अभिलेखक था;
१६ और अहितब का बेटा ज़दोक, और अबिथर का बेटा अबिमलेक, पुरोहित थे; और शवशा लिपिक था;
१७ और केरेथियों और पेलेथियों पर येहोयदा का बेटा बेनाया नियुक्त था; और दाऊद के बेटे राजा के साथ ही प्रमुख अध्यक्ष थे।
उन्नीसवाँ अध्याय।
१ और इसके पश्चात यह होने को आया कि अम्मोन की सन्तानों का राजा नहश मर गया, और उसके बेटे ने उसके स्थान में राज किया।
२ और दाऊद ने कहा, मैं नहश के बेटे हनुन को करुणा दिखाऊँगा, चूँकि उसके पिता ने मूझे करुणा दिखाई थी। और दाऊद ने अपने नौकरों को भेजा उसे उसके पिता के समबन्ध में सान्त्वना प्रदान करने। तो भई दाऊद के नौकर अम्मोन की सन्तानों की भूमी में हनुन के पास उसे सांत्वना प्रदान करने आ पहुँचे।
३ परन्तु अम्मोन की सन्तानों के अध्यक्षों ने हनुन से कहा, क्या आप सोचते हैं कि दाऊद आपके पिता का सम्मान करता है, कि उसने आपके पास सांत्वना देने वाले भेज दिए हैं? क्या उसके नौकर आपके पास छान-बीन करने, और उलट-पलट करने, और भूमी की गुप्तचरी करने नहीं आए हैं क्या?
४ इस कारण वश हनुन ने दाऊद के नौकरों को लेकर उन पर उस्तरा फिरवा डाला, और उनके वस्त्रों को बीच में से ही, उनके नितम्भों तक ही काटकर उन्हें परे भेज दिया।
५ तब कुछों ने जाकर यह दाऊद को बताया कि उन लोगों के साथ कैसा व्यवहार किया गया था। और उसने उनसे मिलने हेतु भिजवा दिए, चूँकि वो आदमी तो बहुत ही लज्जित हो गए थे। और राजा ने कहा, यरीहो में ही ठहरे रहो जब तक तुम्हारी दाढ़ियाँ नहीं उग जाती हैं, और तब वापस लौट आना।
६ और जब अम्मोन की सन्तानों ने यह देखा कि उन्होंने तो स्वयं को दाऊद के प्रति एक दुर्गन्ध बना डाला था, तो हनुन और अम्मोन की सन्तानों ने चाँदी के एक हज़ार तलनतन भार, मेसोपोतामिया में से, और सिरियामअका में से, और ज़ोबा में से रथों और घुड़सवारों को भाड़े पर लेने हेतु भिजवा दिए।
७ तो उन्होंने बत्तीस हज़ार रथ, और मअका का राजा और उसके लोगों को भाड़े पर ले लिया; जिन्होंने आकर मिदबा के सामने पड़ाव डाल दिया। और अम्मोन की सन्तानों ने स्वयं को अपने नगरों में से एकत्रित कर लिया, और युद्ध करने आ पहुँचे।
८ और जब दाऊद ने इसके विषय में सुना, तो उसने योआब, और अपने समस्त शूरवीर आदमियों की सेना को भेज दिया।
९ और अम्मोन की सन्ताने बाहर निकल पड़ीं, और नगर के दरवाज़े के समक्ष रण-व्यूह रचा दिया: और वो राजा जो आए हुए थे रण-भूमी में स्वयं के साथ ही थे।
१० तो जब योआब ने रण को उसके विरुद्ध आगे और पीछे रचा हुआ देखा, तो उसने इस्राएल के सभी चुनिंदा आदमियों को चुन कर उन्हें उन सिरीयावासियों के विरुद्ध व्यूह में रचा दिया:
११ और उन शेष बचे हुए लोगों को उसने अपने भाई अबिशय के हाथ में प्रदान कर दिया, और उन्होंने स्वयं को अम्मोन की सन्तानों के विरुद्ध व्यूह में रचा दिया।
१२ और उसने कहा, यदि वो सिरीयावासी मेरे लिए बहुत शक्तिशाली ठहरेंगे, तो तब तुम मेरी सहायता करोगे: परन्तु यदि वो अम्मोन की सन्तानें तुम्हारे लिए बहुत शक्तिशाली ठहरेंगी, तब मैं तुम्हारी सहायता करूँगा।
१३ अच्छे शौर्य-वाले बनो, और हम अपने लोगों हेतु, और अपने ईश्वर के नगरों हेतु शूरवीरता से व्यवहार करें: और प्रभु वही करें जो कुछ भी उनकी दृष्टि में भला हो।
१४ तो योआब और वो लोग जो उसके साथ थे, उन सिरीयावासियों के समक्ष रण की ओर निकट आते रहे: और वो उसके सामने से भाग-खड़े हुए।
१५ और जब अम्मोन की सन्तानों ने यह देखा कि भई वो सिरीयावासी तो भाग गए थे, तो वो भी उसके भाई अबिशय के सामने से इसी प्रकार भाग लिए, और नगर में प्रवेश कर लिया। तब योआब यरूशलेम आ पहुँचा।
१६ और जब उन सिरीयावासियों ने देखा कि वो तो भई इस्राएल के समक्ष पिट चुके थे, तो उन्होंने संदेश-वाहक भेजे, और उन सिरीयावासियों को जो नदी के पार थे बाहर आगे ले आए: और हदरेज़र की सेना का कप्तान शोबक उनके आगे-आगे गया।
१७ और यह दाऊद को बता दिया गया था; और उसने समस्त इस्राएल को एकत्रित कर लिया, और यर्दन पार चला गया, और उन पर आ पहुँचा, और उनके विरुद्ध रण रचा दिया। तो जब दाऊद ने उन सिरीयावासियों ने विरुद्ध रण-व्यूह रचा दिया था, तो उन्होंने उसके साथ लड़ाई कर दी।
१८ परन्तु वो सिरीयावासी इस्राएल के समक्ष भाग-खड़े हुए; और दाऊद ने उन सिरीयावासियों में से सात हज़ार आदमियों को जो रथों में लड़ाई कर रहे थे, और चालीस हज़ार घुड़ सवारों की हत्या कर डाला, और सेना के कप्तान शोबक को मार डाला।
१९ और जब हदरेज़र के नौकरों ने देखा कि वो तो इस्राएल के समक्ष हार चुके थे, तो उन्होंने इस्राएल के साथ शान्ति स्थापित कर ली, और उसके नौकर बन गए: न ही वो सिरीयावासी अम्मोन की सन्तानों की अब और सहायता करने के इच्छुक थे।
बीसवाँ अध्याय।
१ और यह होने को आया, कि उस वर्ष की समाप्ति के पश्चात, उस समय जब राजा युद्ध करने बाहर निकला करते थे, कि योआब ने सेना की शक्ती का नेतृत्व किया, और अम्मोन की सन्तानों के देश को नष्ट कर डाला, और आकर रब्बा पर घेरा-बन्दी कर दी। परन्तु दाऊद यरूशलेम में ठहरा रहा। और योआब ने रब्बा को परास्त कर दिया, और उसे नष्ट कर डाला।
२ और दाऊद ने उनके राजा का मुकुट उसके सर पर से उतार लिया, और पाया कि उसका भार सोने का एक तलनतन था, और उस में अनमोल रत्न थे: और वो दाऊद के सर पर स्थित कर दिया गया था: और वो बहुत अधिकता से उस नगर में से बाहर लूट निकाल लाया।
३ और वो उन लोगों को बाहर निकाल लाया जो उस में थे, और उन्हें आरों से, और लोहे के हेंगों से, और कुल्हाड़ों से काट डाला। इसी प्रकार दाऊद ने अम्मोन की सन्तानों के समस्त नगरों के साथ किया। और दाऊद और वो समस्त लोग यरूशलेम वापस लौट आए।
४ और इसके पश्चात यह होने को आया, कि गज़र में उन पलिश्तिम-वंशजों के साथ युद्ध छिड़ उठा: जिस समय में सिबेकय उस हूशय-वंशज ने सिप्पय को मार डाला था जो उस विशालकाय-मानुष की सन्तानों में से था: और वो आधीन कर दिए गए थे।
५ और उन पलिश्तिम-वंशजों के साथ पुनः एक युद्ध छिड़ा; और याएर के बेटे एलहनन ने गोलियथ उस गती के भाई लहमी को मार डाला, जिसके भाले की छड़ी एक जुलाहे के करघे की शाट समान थी।
६ और पुनः गथ में एक युद्ध छिड़ा, जहाँ एक बहुत ही ऊँचे कद वाला एक आदमी था, जिसकी उँगलियाँ और पैरों वाली उँगलियाँ, चौबीस थीं; छह प्रत्येक हाथ पर, और छह प्रत्येक पैर पर: और वो भी उस विशालकाय-मानुष ला बेटा था।
७ परन्तु जब उसने इस्राएल की उपेक्षा कर डाली थी, तो दाऊद के भाई शिमेया के बेटे योनातन ने उसे मार डाला।
८ यही गथ में उस विशालकाय-मानुष को जन्मे थे, और वो दाऊद के हाथ, और उसने सेवकों के हाथ गिर गए थे।
इक्कीसवाँ अध्याय।
१ और शैतान इस्राएल के विरुद्ध उठा खड़ा हुआ, और उसने दाऊद को इस्राएल की गिनती करने हेतु उत्तेजित किया।
२ और दाऊद ने योआब और अध्यक्षों से कहा, जो उसके साथ था, जाओ भई, इस्राएल की गिनती कर लो बेएरशबा से लेकर दान तक भी; और उनकी वो संख्या मेरे पास ले आओ, ताकि मैं उसे जान लूँ।
३ और योआब ने उत्तर दिया, जी प्रभु अपने लोगों को सौ गुणा से भी अधिक बना दें जितने भी वो अभी हैं: परन्तु, मेरे प्रभु राजा, क्या वो सभी मेरे प्रभु के नौकर नहीं हैं क्या? तो फिर क्यों मेरे प्रभु इस बात की माँग कर रहें हैं? वो क्यों इस्राएल के प्रति एक दोष का कारण बनें?
४ तथापि राजा का शब्द योआब के विरुद्ध अभिभावी ठहरा। इस कारण वश योआब बाहर निकल चला, और समस्त इस्राएल के सर्वत्र में से चलता गया, और यरूशलेम आ पहुँचा।
५ और योआब ने दाऊद को लोगों की संख्या की जनगणना दे दी: और इस्राएल के वो सभी ग्यारह लाख आदमी थे जो तलवार खींचने वाले थे: और यहूदा चार लाख सत्तर हज़ार पुरुष था जो तलवार खींचते थे।
६ परन्तु लेवी और बिन्यामिन की उसने उनके बीच गिनती नहीं की: चूँकि राजा का शब्द योआब को घृणात्मक लगा।
७ और ईश्वर इस बात से अप्रसन्न थे; इसलिए उन्होंने इस्राएल पर प्राहार कर डाला।
८ और दाऊद ने ईश्वर से कहा, जी मैंने तो घोर पाप कर डाला है चूँकि मैंने यह बात कर डाली है: परन्तु अब मैं आपसे प्रार्थना करता हूँ, अपने नौकर की अधर्मता परे हटा दें जी; क्योंकि मैंने तो बड़ी ही मूर्खता कर डाली है।
९ और प्रभु दाऊद के भविष्य-दर्शक, पैग़म्बर गाद से बोले, कहते हुए,
१० जाओ और दाऊद को बता दो, कहते हुए, इस प्रकार कहते हैं प्रभु, मैं तुम्हें तीन प्रस्ताव देता हूँ; इन में से तुम एक को चुन लो भई, ताकि मैं उसे तुम्हारे प्रति कर डालूँ।
११ तो गाद दाऊद के पास आ पहुँचा, और उस से कहा, प्रभु इस प्रकार कहते हैं, चुन लो तुम
१२ या तो तीन वर्ष अकाल के; या तुम अपने शत्रुओं के सामने तीन महीने नष्ट होते रहो, जैसे-जैसे तुम्हारे शत्रुओं की तलवार तुम्हें पार करती चली जाए; या फिर तीन दिनो तक प्रभु की तलवार ही, यहाँ तक कि वो महामारी ही, भूमी में, और इस्राएल की समस्त सीमाओं के सर्वत्र में प्रभु के दूत द्वारा विनाश मचता हुआ। अब इसलिए स्वयं को परामर्श दे दें कि मैं क्या शब्द उनके पास पुनः ले आऊँ जिन्होंने मुझे भेजा है।
१३ और दाऊद ने गाद से कहा, मैं तो एक बहुत ही बड़े संकट में पड़ गया हूँ: मैं तो अभी ही प्रभु के हाथ में गिर पड़ता हूँ; क्योंकि उनकी करुणाएँ विशाल हैं: परन्तु मुझे आदमी के हाथ में न गिर जाने दें जी।
१४ तो प्रभु ने इस्राएल पर एक महामारी भेज दी: और इस्राएल के सत्तर हज़ार आदमी गिर गए।
१५ और ईश्वर ने एक दूत को यरूशलेम भेजा उसका विनाश कर डाले हेतु: और जैसे जैसे वो नाश कर रहा था, तो प्रभु ने देखा, और उन्हें उस बुराई के प्रति खेद हुआ, और नष्ट करने वाले दूत से कहा, बहुत हो गया: थाम दो अब अपने हाथ को। और प्रभु का वो दूत उस यबूसी वंशज ओरनन के खलिहान के साथ खड़ा था।
१६ और दाऊद ने अपनी आँखें ऊपर उठाईं, और प्रभु के दूत को पृथ्वी और स्वर्ग के बीच खड़े देखा, उसके हाथ में एक खींची हुई तलवार बाहर यरूशलेम पर ही। तब दाऊद और वृद्ध-गण जो टाट-वस्त्र पहने हुए थे, अपने चेहरों के बल गिर पड़े।
१७ और दाऊद ने ईश्वर से कहा, क्या मैंने ही नहीं लोगों की गणना करने का आदेश दिया था जी? यहाँ तक कि वो मैं ही हूँ जिसने वास्तव में ही पाप कर दिया है और यह बुराई कर डाली है: परन्तु यह भेड़ें, इन्होंने क्या किया है जी? मैं आपसे प्रार्थना करता हूँ हे प्रभु मेरे ईश्वर, कि आपका हाथ मुझ पर आ पड़े, और मेरे पिता के घराने पर; परन्तु आपके लोगों पर नहीं, कि यह विपत्तित हों।
१८ तब प्रभु के दूत ने गाद को दाऊद से कह देने का आदेश दिया, कि दाऊद को ऊपर जाकर, प्रभु के प्रति एक बलिवेदी स्थापित कर देनी थी, उस यबूसी वंशज अरोना के खलिहान में ही।
१९ और दाऊद, गाद की कहनी पर ऊपर चला गया, जो उसने प्रभु के नाम में बोली थी।
२० और ओरनन पीछे मुड़ा, और दूत को देखा; और उसके चारों बेटों ने उसके साथ ही स्वयं को छुपा लिया। अब ओरनन गेहूँ का दाँवना कर रहा था।
२१ और जैसे-जैसे दाऊद ओरनन के पास आ रहा था, ओरनन ने देखते हुए, दाऊद को देखा: और खलिहान से बाहर चला गया, और दाऊद के प्रति स्वयं को झुका लिया उसका चेहरा धरती की ओर।
२२ और दाऊद ने ओरनन से कहा, मुझे इस खलिहान का स्थान प्रदान कर दो, ताकि मैं प्रभु के प्रति इस में एक बलिवेदी का निर्माण कर दूँ: तुम इसे मुझे पूरे-पूरे मूल्य के लिए ही प्रदान करोगे: ताकि लोगों पर से उस विपत्ती की रोकथाम हो जाए।
२३ और ओरनन ने दाऊद से कहा, जी ले लें इसे अपने लिए, और मेरे प्रभु राजा जो कुछ भी उनकी दृष्टि में भला प्रतीत हो, कर दें: लो जी, मैं आपको वो साँड भी जले-चढ़ावे के लिए, और दाँवनेवाले उपकरण लकड़ी के लिए, और भोज-चढ़ावे के लिए वो गेहूँ दे देता हूँ; मैं वो सभी कुछ दे देता हूँ।
२४ और राजा दाऊद ने ओरनन से कहा, नहीं; बल्कि मैं सच में ही उसे पूरा-पूरा मोल देकर ही ख़रीदूँगा: क्योंकि मैं वो जो तुम्हारा है प्रभु के लिए नहीं लूँगा, न ही बिना मोल के जले-चढ़ावे चढ़ाऊँगा।
२५ तो दाऊद ने ओरनन को उस स्थान के लिए सोने के भार में छह सौ शेक्ल दे दिए।
२६ और दाऊद ने वहाँ प्रभु के प्रति एक बलिवेदी का निर्माण कर दिया, और जले-चढ़ावे और शान्ति-चढ़ावे चढ़ा दिए, और प्रभु का आह्वान किया; और उन्होंने उसे स्वर्ग में से जले चढ़ावे की बलिवेदी पर अग्नी के द्वारा उत्तर दे दिया।
२७ और प्रभु ने दूत को आज्ञा दे दी; और उसने अपनी तलवार पुनः उसके म्यान में ही डाल दी।
२८ उस समय जब दाऊद ने देखा कि प्रभु ने उसे ओरनन उस यबूसी-वंशज के खलिहान में उत्तर दे दिया था, तन उसने वहाँ बलि चढ़ाई।
२९ क्योंकि प्रभु का वो तम्बू, जिसे मूसा ने जँगली-क्षेत्र में बनाया था, और वो जले-चढ़ावे की बलिवेदी, उस ऋतु में गिब्यन के उस उच्च स्थान में थे।
३० परन्तु दाऊद उसके समक्ष ईश्वर से पूछ-ताछ करने हेतु जाने में असमर्थ था: चूँकि वो भयभीत था प्रभु के दूत की तलवार के कारण ही।
बाईसवाँ अध्याय।
१ तब दाऊद ने कहा, यही प्रभु ईश्वर का घर है, और यही इस्राएल के लिए जले-चढ़ावे हेतु बलिवेदी है।
२ और दाऊद ने उन सभी परदेशियों को एक साथ एकत्रित कर देने का आदेश दिया जो इस्राएल की भूमी में थे; और उसने राजगीरों को ईश्वर के घर के निर्माण हेतु पत्थरों की कटाई करने हेतु नियुक्त किया।
३ और दाऊद ने दरवाज़ों के द्वारों के लिए, और जोड़ों के लिए कीलों हेतु अत्याधिकता से लोहा तैयार किया: और अनगिनत भार का पीतल अत्याधिकता से;
४ देवदार के पेड़ भी अत्याधिकता से: क्योनि वो सिदोनवासी और टाय्र वाले दाऊद के पास बहुत सारी देवदार की लकड़ी लाए।
५ और दाऊद ने कहा, सुलेमान मेरा बेटा एक युवक है और कोमल, और वो घर जिसका निर्माण प्रभु के लिए किया जाना है अत्याधिकता से भव्य होना चाहिए, पसिद्धि और महिमा में समस्त देशों के सर्वत्र में: इसलिए मैं उसके लिए तैयारी करूँगा। तो दाऊद ने अपनी मृत्यु से पूर्व अत्याधिकता से तैयारी की।
६ तब उसने अपने बेटे सुलेमान को बुलवा भेजा, और उसे निर्देश दिया इस्राएल के प्रभु ईश्वर के लिए एक घर का निर्माण कर देने का।
७ और दाऊद ने सुलेमान से कहा, मेरे बेटे, जहाँ तक मेरी बात आती है, यह तो मेरे मन में था प्रभु मेरे ईश्वर के नाम के प्रति एक घर का निर्माण करने का:
८ परन्तु प्रभु के शब्द मेरे पास आ पहुँचे, कहते हुए, तुम ने तो अत्याधिकता से रक्त बहाया है, और विशाल युद्ध किए हैं: तुम मेरे नाम के प्रति एक घर का निर्माण नहीं करोगे, चूँकि तुमने पृथ्वी पर मेरी दृष्टि में बहुत लहु बहाया है।
९ देखो, तुम्हें एक बेटा जन्मेगा, जो विश्राम का पुरुष होगा; और मैं उसे उसके समस्त शत्रुओं से चारों ओर विश्राम प्रदान करूँगा: क्योंकि उसका नाम सुलेमान होगा, और मैं उसे उसके दिनो में इस्राएल को शान्ति और नीरवता प्रदान करूँगा।
१० वही मेरे नाम के लिए एक घर का निर्माण करेगा; और वही मेरा बेटा होगा, और मैं उसका पिता हूँगा; और मैं ही इस्राएल के ऊपर सदा-सदा के लिए उसके राज्य का सिंहासन स्थापित रखूँगा।
११ अब मेरे बेटे, प्रभु तुम्हारे साथ रहें; और तुम्हें उन्नत रखें, और प्रभु अपने ईश्वर के घर का निर्माण कर दो, जैसा कि उन्होंने तुम्हारे विषय में कह दिया है।
१२ केवल प्रभु ही तुम्हें विद्या और ज्ञान प्रदान करें, और तुम्हें समझदारी प्रदान करें इस्राएल के समबन्ध में, ताकि तुम प्रभु अपने ईश्वर के नियम का पालन करो।
१३ तब तुम उन्नत होगे, यदि तुम इस्राएल के समबन्ध में उन अध्यादेशों और न्याय-निर्धारणों को सम्पूर्ण करने का ध्यान दोगे जिन्हें प्रभु ने मूसा को निर्देश दिया था: दृढ़ता और अच्छे शौर्य वाले बनो; भयभीत मत हो, न ही निराश हो।
१४ अब देख लो, मेरी ही विचलितता में ही मैंने प्रभु के घर के लिए सोने के एक लाख तलनतन भार, और चाँदी के एक लाख तलनतन भार; और पीतल और लोहा अनगिनत भार के, तैयार कर दिए हैं; चूँकि यह अत्याधिकता में है: लकड़ी भी और पत्थर मैंने उद्यत कर दिए हैं; और तुम उन में और भी जोड़ सकते हो।
१५ इसके अतिरिक्त तुम्हारे साथ कामगार अत्याधिकता से हैं, काटने वाले और पत्थर और लकड़ी के कारीगर, और समस्त प्रकार के कुशल पुरुष प्रत्येक प्रकार के कार्य हेतु।
१६ सोना, चाँदी, पीतल और लोहा तो अनगिनत हैं। इसलिए उठो, और क्रियान्वित करो, और प्रभु तुम्हारे साथ रहें।
१७ दाऊद ने इस्राएल के समस्त प्रमुखों को भी अपने बेटे सुलेमान की सहायता करने हेतु आदेश दिया,
१८ क्या प्रभु तुम्हारे ईश्वर तुम्हारे साथ नहीं हैं क्या? और क्या उन्होंने तुम्हें प्रत्येक दिशा में शान्ति नहीं प्रदान कर दी है क्या? चूँकि उन्होंने भूमी के निवासियों को मेरे हाथ में प्रदान कर दिया है; और भूमी प्रभु के समक्ष, और उनके लोगों के समक्ष आधीन है।
१९ अब अपने हृदय और अपनी आत्मा को स्थित कर दो प्रभु अपने ईश्वर से पूछ-ताछ करने हेतु; उठो इसलिए, और तुम प्रभु ईश्वर के पुण्य-स्थान का निर्माण कर दो, प्रभु के प्रतिज्ञा-पत्र के संदूक को, और ईश्वर के उन पवित्र पात्रों को लाने हेतु, उस घर में जिसका कि निर्माण किया जाना है प्रभु के नाम के प्रति ही।
तेईसवाँ अध्याय।
१ तो जब दाऊद बूढ़ा और दिनो से भरपूर हो चला था, तो उसने अपने बेटे सुलेमान को इस्राएल पर राजा बना दिया।
२ और उसने इस्राएल के समस्त प्रमुखों को, पुरोहितों और लेवी-वंशजों के साथ एक साथ एकत्रित किया।
३ और उन लेवी-वंशजों की गणना तीस वर्ष की आयु से लेकर और उस से अधिक से की गई थी: और उनकी संख्या उनकी गणनानुसार, जन-जन की, अड़तीस हज़ार थी।
४ जिन में से चौबीस हज़ार प्रभु के घर के कार्य हेतु प्रामुख्यता रखने हेतु थे; और छह हज़ार अफ्सर और न्यायाधीष थे:
५ इसके अतिरिक्त चार हज़ार द्वारपाल थे; और चार हज़ार प्रभु की प्रशंसा करते थे उन यंत्रों के साथ जिन्हें मैंने बनाया, प्रशन्सा करने हेतु।
६ और दाऊद ने उन्हें कार्यकालों से विभाजित कर दिया लेवी के बेटों के बीच ही, गेरशौन, कहाथ, और मरारी।
७ गेरशौन-वंशजों में से थे, लअदन, और शिमई।
८ लअदन के बेटे; वो प्रमुख था येईएल, और ज़ेथम, और योएल, तीन।
९ शिमई के बेटे; शेलोमिथ, और हज़िएल, और हरन, तीन। यही लअदन के पित्रों के प्रमुख थे।
१० और शिमई के बेटे थे, यहथ, ज़िना, और येउश, और बेरीया। यही चार शिमई के बेटे थे।
११ और यहथ वो प्रमुख था, और ज़िज़ा वो दूसरा: परन्तु येउश और बेरीया के पास बहुत से बेटे नहीं थे; इसलिए वह एक ही गिनती में थे, उनके पित्रों के घारनेउनसार।
१२ कहाथ के बेटे; अम्राम, यिसहर, हेब्रोन, और उज़्ज़ीएलम, चार।
१३ अम्राम के बेटे; हारुन और मूसा: और हारुन को पृथक कर दिया गया था, ताकि वो उन अति-पवित्रतम वस्तुओं को पुनीत कर दे, वो और उसके बेटे सदा के लिए ही, प्रभु के सम्मुख सुगन्धित-धूप जलाने हेतु, उसके समक्ष सेवा करने हेतु, और उनके नाम में सदा के लिए आशीष देने हेतु।
१४ अब ईश्वर के बन्दे मूसा के समबन्ध में, उसके बेटे लेवी की प्रजाती के कहलाए गए थे।
१५ मूसा के बेटे थे, गेरशौम, और एलाज़र।
१६ गेरशौम के बेटों में से, शेबुएल प्रमुख था।
१७ और एलाज़र के बेटे थे, रेहबिया वो प्रमुख। और एलाज़र के और कोई अन्य बेटे नहीं थे; परन्तु रेहबिया के बेटे बहुत सारे थे।
१८ यिसहर के बेटों में से; शेलोमिथ वो प्रमुख।
१९ हेब्रोन के बेटों में से; येरिया वो पहला, अमरिया दूसरा, यहज़िएल वो तीसरा, और येकमीम वो चौथा।
२० उज़्ज़ीएल के बेटों में से; मिकाह वो पहला, और येसिया वो दूसरा।
२१ मरारी के बेटों में से; महली, और मुशी। महली के बेटे; एलाज़र, और किश।
२२ और एलाज़र मर गया, और उसके पास कोई बेटे नहीं थे, बल्कि बेटियाँ: और उनके भाई-जनो किश के बेटों ने उन्हें ले लिया।
२३ मुशी के बेटे; महली, और एदर, और येरेमोथ, तीन।
२४ यही लेवी के बेटे थे उनके पित्रों के घरानोनुसार; उनके पित्रों के प्रमुख ही, क्योंकि उनकी गिनती नामों की संख्यानुसार उनकी गणनानुसार की गई थी, जो प्रभु के घर की सेवा का कार्य किया करते थे, बीस वर्ष की आयु ले लेकर और अधिक से।
२५ क्योंकि दाऊद ने कहा, इस्राएल के प्रभु ईश्वर ने अपने लोगों को विश्राम दे दिया है, ताकि वो सदा के लिए यरूशलेम में निवास करते रहें:
२६ और लेवी-वंशजों को भी; वो अब और तम्बू को नहीं उठाएँगे, न ही उसके किन्ही भी पात्रों को उसकी सेवा हेतु।
२७ चूँकि दाऊद के अंतिम शब्दोंनुसार उन लेवी-वंशजों की गिनती बीस वर्ष की आयु से लेकर और अधिक से की गई थी:
२८ चूँकि उनका पद हारुन के बेटों के साथ-साथ प्रभु के घर के सेवाकार्य का है, आँगनों में, और कक्षों में, और समस्त पवित्र वस्तुओं का स्वच्छीकरण करना, और ईश्वर के घर के सेवाकार्य का कार्यभार;
२९ दोनो भेंट की उस रोटी के लिए, और भोज-चढ़ावे के लिए उस बारीक आटे हेतु, और उन बेख़मीरी पताशों के लिए, और तवों के लिए, और उसके लिए जो तला जाता है, और प्रत्येक प्रकार की मात्रा और माप हेतु;
३० और प्रत्येक प्रातः खड़े होकर प्रभु को धन्यवाद देने और सराहना करने हेतु, और इसी ही प्रकार संध्या के समय;
३१ और सैबथों पर प्रभु के प्रति समस्त जले-चढ़ावों का चढ़ाना, नए-चंद्रमाओं में, और स्थित भोजों के अवसरों पर, संख्यानुसार ही, उस व्यवस्थानुसार ही जिसका उन्हें आदेश दे दिया गया था, प्रभु के सम्मुख ही लगातार;
३२ और कि उन्हें सभा के तम्बू का प्रभार रखना होगा, और उस पवित्र-स्थान का प्रभार, और हारुन के बेटों उनके भाई-जनो का प्रभार, प्रभु के घर की सेवा में ही।
चौबीसवाँ अध्याय।
१ अब यही हारुन के बेटों के विभाजन हैं। हारुन के बेटे; नादब, और अबिहु, एलाज़र, और इथामर।
२ और नादब और अबिहु अपने पिता के सामने-सामने ही मर गए, और उनके कोई बच्चे न थे: इसलिए एलाज़र और इथामर ने पुरोहित-पद को क्रियान्वित किया।
३ और दाऊद ने उन दोनो को वितरण कर दिया, एलाज़र के बेटों में से ज़दोक, और इथामर के बेटों में से अहिमलेक, उनके पदोंनुसार उनके सेवकार्यों में ही।
४ और एलाज़र के बेटों में से अधिक प्रमुख पुरुष पाए गए थे इथामर के बेटों की तुलना में; और इस प्रकार वी विभाजित हुए थे। एलाज़र के बेटों में से उनके बीच उनके पित्रों के घरानो में से सोलह प्रमुख पुरुष थे, और इथामर के बेटों में से आठ उनके बीच उनके पित्रों के घरानोनुसार।
५ तो इस प्रकार वो पर्चियाँ डाल कर विभाजित कर दिए गए थे, एक प्रकार के दूसरों के साथ ही; पुण्य-स्थान के राज्यपालों हेतु ही, और ईश्वर के घर के राज्यपालों हेतु, एलाज़र के बेटों में से, और इथामर के बेटों में से।
६ और नेथनील उस लिपिक के बेटे शेमाया, उन लेवी-वंशजों में से एक ने उन्हें राजा के, और अध्यक्षों के, और पुरोहित ज़दोक के, और अबिथर के बेटे अहिमलेक के, और उन पुरोहितों और लेवी-वंशजों के पित्रों के प्रमुख के समक्ष, लिख दिया: एक प्रमुख घर-बार एलाज़र के लिए ले लिया गया था, और एक इथामर के लिए।
७ तो अब पहली पर्ची येहोअरिब की निकली, दूसरी येदाया की,
८ तीसरी हरिम की, चौथी सोरिम की,
९ पाँचवी मल्किया की, छटी मियामिन की,
१० सातवीं हक्कोज़ की, आठवीं अबिया की,
११ नौवी येशुआ की, दसवीं शेकनिया की,
१२ ग्यारहवीं एलिशिब की, बारहवीं यकिम की,
१३ तेरहवीं हुप्पा की, चौदहवीं येशबेयब की,
१४ पन्द्रहवीं बिल्गा की, सोलहवीं इम्मर की,
१५ सत्रहवीं हेज़िर की, अट्ठारहवीं अफसेस की,
१६ उन्नीसवीं पेथहया की, बीसवीं येहज़ेकेल की,
१७ इक्कीसवीं यकिन की, बाईसवीं गमूल की,
१८ तेईसवीं देलाया की, चौबीसवीं मअज़िया की।
१९ यही उनके नियुक्त कार्यकाल थे उनकी सेवा हेतु प्रभु के घर में आ जाने हेतु, उनकी रीतियोंनुसार ही, उनके पिता हारुन के हाथ तले, जैसा कि इस्राएल के प्रभु ईश्वर ने उसे आदेश दे दिया था।
२० और लेवी के शेष बचे-कुचे बेटे यह थे: अम्राम के बेटों में ए; शुबएल: शुबएल के बेटों में से; येहदेया।
२१ रेहबिया के समबन्ध में: रेहबिया के बेटों में से, वो पहला इस्सहिया था।
२२ यिसहर-वंशजों में से; शेलोमिथ: शेलोमिथ के बेटों में से; यहथ।
२३ हेब्रोन के बेटों में से; येरीया, अमरिया वो दूसरा, यहज़िएल वो तीसरा, येकमीम वो चौथा।
२४ उज़्ज़ीएल के बेटों में से; मिका: मिका के बेटों में से; शमीर।
२५ मिका का भाई इस्सहिया था: इस्सहिया के बेटों में से; ज़क़र्या।
२६ मरारी के बेटे थे महली और मुशी: यअज़िया के बेटे; बेनो।
२७ मरारी के बेटे यअज़िया द्वारा; बेनो, और शोहम, और ज़कुर, और इब्रि।
२८ महली से आया एलाज़र, जिसके पास कोई भी बेटे नहीं थे।
२९ किश के समबन्ध में: किश का बेटा येरहमील।
३० मुशी के भी बेटे; महली, और एदर, और येरिमोथ। यही लेवी-वंशजों के बेटे थे उनके पित्रों के घरों के अनुसार।
३१ इन्होंने ही हारुन के बेटों, उनके भाई-जनो के साथ-ही-साथ पर्चियाँ डालीं राजा दाऊद, और ज़दोक, और अहिमलेक, और उन पुरोहितों और लेवी-वंशजों के पित्रों के प्रमुख की उपस्थिति में ही, यहाँ तक कि प्रमुख पिताओं ने ही अपने युवा भाई-जनो के साथ-साथ ही।
पच्चीसवाँ अध्याय।
१ इसके अतिरिक्त दाऊद और सेना के कप्तानों ने असफ के, और हेमन के, और यदुतुन के बेटों के प्रति सेवाकार्य पृथक कर दिया, जिन्हें वीणाओं के साथ, सारंगियों के साथ, और झाँझों के साथ प्रेरित-उपदेश देने थे: और उन कामगारों की संख्या उनके सेवाकार्यानुसार थी:
२ असफ के बेटों में से; ज़कुर, और युसुफ, और नेथनिया, और असरेला, असफ के बेटे असफ के हाथों तले, जिन्होंने राजा के आदेशानुसार प्रेरित-उपदेश दिए।
३ यदुतुन से: यदुतुन के बेटे; गेदलिया, और ज़ेरी, और येशाया, हशबिया, मत्तिथ्या, छह ही, उनके पिता यदुतुन के हाथों तले, जिसने वीणा के साथ प्रेरित-उपदेश दिया, प्रभु को धन्यवाद और प्रशन्सा देने हेतु।
४ हेमन के: हेमन के बेटों में से; बक्किया, मत्तनियाह, उज़्ज़ीएल, शेबुएल, और यरीमोथ, हननिया, एलिअथा, गिद्दल्ति, और रोममतिज़र, योशबेकशह, मल्लोथी, होथिर, महज़ियोथ:
५ यह सभी ईश्वर के शब्द में राजा के भविष्यदर्शक हेमन के बेटे थे, सींघ को ऊपर उठाने हेतु। और ईश्वर ने हेमन को चौदह बेटे और तीन बेटियाँ प्रदान कर दीं।
६ यह सभी अपने पिता के हाथों तले थे प्रभु के घर में संगीत हेतु, झाँझों, सारंगियों, और वीणाओं के साथ, ईश्वर के घर के सेवाकार्य हेतु, राजा के आदेशानुसार असफ, यदुतुन, और हेमन को ही।
७ तो उनकी संख्या, उनके भाई-जनो के साथ जो प्रभु के संगीतों में निर्देशित थे, यहाँ तक कि वो सभी ही जो कुशल थे, दो सौ अट्ठासी थी।
८ और उन्होंने पर्चियाँ डालीं, प्रभार-प्रभार के लिए ही, छोटे ने बड़े समान ही, शिक्षक ने और छात्र ने।
९ और वो असफ के लिए प्रथम पर्ची युसुफ के नाम निकली: दूसरी गेदलिया के नाम, जो अपने भाई-जनो और बेटों के साथ बारह थे:
१० तीसरी ज़कुर के नाम, वो, उसके बेटे, और उसके भाई-जन बारह थे:
११ चौथी इज़री के नाम, वो, उसके बेटे, और उसके भाई-जन बारह थे:
१२ पाँचवीं नेथनिया के नाम, वो, उसके बेटे, और उसके भाई-जन बारह थे:
१३ छटी बक्किया के नाम, वो, उसके बेटे, और उसके भाई-जन बारह थे:
१४ सातवीं येशरेला के नाम, वो, उसके बेटे, और उसके भाई-जन बारह थे:
१५ आठवीं येशाया के नाम, वो, उसके बेटे, और उसके भाई-जन बारह थे:
१६ नौवीं मत्तनियाह के नाम, वो, उसके बेटे, और उसके भाई-जन बारह थे:
१७ दसवीं शिमई के नाम, वो, उसके बेटे, और उसके भाई-जन बारह थे:
१८ ग्यारहवीं अज़रील के नाम, वो, उसके बेटे, और उसके भाई-जन बारह थे:
१९ बारहवीं हशबिया के नाम, वो, उसके बेटे, और उसके भाई-जन बारह थे:
२० तेरहवीं शुबएल के नाम, वो, उसके बेटे, और उसके भाई-जन बारह थे:
२१ चौदहवीं मत्तिथ्या के नाम, वो, उसके बेटे, और उसके भाई-जन बारह थे:
२२ पंद्रहवीं येरेमोथ के नाम, वो, उसके बेटे, और उसके भाई-जन बारह थे:
२३ सोलहवीं हननिया के नाम, वो, उसके बेटे, और उसके भाई-जन बारह थे:
२४ सत्रहवीं योशबेकशह के नाम, वो, उसके बेटे, और उसके भाई-जन बारह थे:
२५ अट्ठारहवीं हननी के नाम, वो, उसके बेटे, और उसके भाई-जन बारह थे:
२६ उन्नीसवीं मल्लोथी के नाम, वो, उसके बेटे, और उसके भाई-जन बारह थे:
२७ बीसवीं एलिअथा के नाम, वो, उसके बेटे, और उसके भाई-जन बारह थे:
२८ इक्कीसवीं होथिर के नाम, वो, उसके बेटे, और उसके भाई-जन बारह थे:
२९ बाईसवीं गिद्दल्ति के नाम, वो, उसके बेटे, और उसके भाई-जन बारह थे:
३० तेईसवीं महज़ियोथ के नाम, वो, उसके बेटे, और उसके भाई-जन बारह थे:
३१ चौबीसवीं रोममतिज़र के नाम, वो, उसके बेटे, और उसके भाई-जन बारह थे।
छब्बीसवाँ अध्याय।
१ द्वार-पालों के विभाजनों के समबन्ध में: कोरह-वंशजों में से था कोरे का बेटा मेशलमिया, असफ के बेटों में से।
२ मेशलमिया के बेटों में से थे, ज़ेकर्या वो प्रथम-जन्मा, येदिएल दूसरा, ज़ेबदिया तीसरा, यथनिएल वो चौथा,
३ एलम पाँचवाँ, येहोहनन वो छटा, एलियोनय सातवाँ।
४ इसके अतिरिक्त ओबदएदोम के बेटे थे, शेमाया वो प्रथम-जन्मा, येहोज़बद दूसरा, योआह तीसरा, और सकर चौथा, और नेथनील पाँचवाँ,
५ अम्मिएल छटा, इस्सकार सातवाँ, प्युलथय आठवाँ: चूँकि ईश्वर ने उसे आशीष दिया।
६ उसके बेटे शेमाया को भी बेटे जन्मे, जिन्होंने अपने पिता के घारने के सर्वत्र में राज किया: चूँकि वो शूरवीर पुरुष थे।
७ शेमाया के बेटे; ओथनी, और रेफाएल, और ओबेद, एलज़बद, जिसके भाई-जन शक्तिमान पुरुष थे, एलिहू, और सेमकिया।
८ ओबेदएदोम के बेटों में से यह सभी: यही और उनके बेटे और उनके भाई-जन, सामर्थ्य रखने वाले शक्तिमान पुरुष सेवाकार्य हेतु, ओबेदएदोम वाले बासठ थे।
९ और मेशलमिया के पास बेटे और भाई-जन थे, शक्तिमान पुरुष, अट्ठारह।
१० होसा, मरारी की सन्तानों वाले के भी पास ही, बेटे थे; सिमरी वो प्रमुख, भले ही वो प्रथम-जन्मा नहीं था, तथापि उसके पिता ने उसे पमुख बना दिया;
११ हिल्किया वो दूसरा, तेबलिया तीसरा, ज़ेकर्या चौथा: होसा के सभी बेटे और भाई-जन तेरह थे।
१२ इन्हीं के बीच थे द्वार-पालों के विभाजन, प्रमुख पुरुषों के बीच ही, एक के साथ ही एक प्रभार, प्रभु के घर में सेवा करने हेतु।
१३ और उन्होंने पर्चियाँ डालीं, छोटे ने भी बड़े के समान ही, उनके पित्रों के घरानो के अनुसार ही, प्रत्येक दरवाज़े के लिए।
१४ और पूर्व की ओर पर्ची गिरी शेलेमिया के नाम। फिर उसके बेटे ज़ेकर्या, एक विद्वान परामर्श-दाता के लिए, उन्होंने पर्चियाँ डालीं; और उसकी पर्ची उत्तर की ओर निकली।
१५ ओबेदएदोम की दक्षिण की ओर; और उसके बेटों असुप्पिम के घराने की।
१६ शुप्पिम और होसा की पश्चिम की ओर शल्लेकेथ दरवाज़े के साथ, ऊपर जाने वाले पथ के साथ ही, आमने-सामने पहरा-पहरा।
१७ पूर्व की ओर थे छह लेवी-वंशज, उत्तर की ओर दिन-प्रति-दिन चार, दक्षिण की ओर दिन-प्रति-दिन चार, और असुप्पिम की ओर दो और दो।
१८ पश्चिम की ओर उपक्षेत्र पर, चार ऊपर जाने वाले पथ पर, और दो उपक्षेत्र पर।
१९ यही उन द्वार-पालों के विभाजन हैं कोरे के बेटों के बीच, और मरारी के बेटों के बीच।
२० और लेवी-वंशजों में से,अहिया ईश्वर के घर के धन-कोषों पर नियुक्त था, और समर्पित वस्तुओं के धन-कोषों पर।
२१ लअदन के बेटों के विषय में; उस गेरशौन-वंशज लअदन के बेटे, प्रमुख पित्र, लअदन उस गेरशौन-वंशज के ही, येहिएली।
२२ येहिएली के बेटे; ज़ेथम, और योएल उसका भाई, जो प्रभु के घर के धन-कोषों पर नियुक्त थे।
२३ अम्राम-वंशजों, और यिसहर-वंशजों में से, वो हेब्रोन-वंशज, और उज़्ज़ीएल-वंशज:
२४ और शुबएल गेरशौम का बेता, मूसा का बेटा, धन-कोषों पर अध्यक्ष था।
२५ और उसके भाई-जन एलाज़र से; रेहबिया उसका बेटा, और येशाया उसका बेटा, और योरम उसका बेटा, और ज़िकरी उसका बेटा, और शेलोमिथ उसका बेटा।
२६ वही शेलोमिथ और उसके भाई-जन जो उन समर्पित वस्तुओं के धन-कोषों पर नियुक्त थे, जिन्हें राजा दाऊद, और प्रमुख पित्रों, हज़ारों पर और सौ-सौ पर नियुक्त कप्तानों, और सेना के कप्तानों ने समर्पित किया था।
२७ युद्धों में जीती हुई लूट-पाट में से ही उन्होंने समर्पण किया था प्रभु के घर के रख-रखाव हेतु।
२८ और वो सभी कुछ जो शमुएल उस भविष्य-दर्शक, और किश के बेटे शाऊल, और नर के बेटे अबनर, और ज़ेरुआया के बेटे योआब ने समर्पित किया था; और जिस किसी ने भी कुछ भी समर्पित किया था, वो शेलोमिथ और उसके भाई-जनो के हाथ के तले था।
२९ यिसहर-वंशजों में से, केननिया और उसके बेटे इस्राएल पर बाहर के काम-काजों हेतु नियुक्त थे, अफ़सरों और न्यायाधीषों हेतु।
३० और हेब्रोन-वंशजों में से, हशबिया और उसके भाई-जन, पराक्रमी पुरुष, एक हज़ार सात सौ इस्राएल वालों के बीच ही अफ्सर थे यर्दन के इस पार पश्चिम की ओर ही प्रभु के काम-काज हेतु, और राजा की सेवा में।
३१ हेब्रोन-वंशजों के बीच येरिया वो प्रमुख, उन हेब्रोन-वंशजों के बीच ही, उसके पित्रों की पीढ़ियोंनुसार ही। दाऊद के राज के चालीसवें वर्ष में ही उन्हें ढूँढा गया था, और उनके बीच ही गिलद के यज़र में पराक्रमी शूरवीर पुरुष पाए गए थे।
३२ और उसके भाई-जन, पराक्रमी पुरुष, दो हज़ार सात सौ प्रमुख पित्र थे, जिन्हें राजा दाऊद ने उन रूबेन-वंशजों, गाद-वंशजों, और मनश्शे की आधी प्रजाती पर निर्देशक बना दिया था, ईश्वर से सम्बंधित प्रत्येक रीति के लिए, और राजा के कार्यों हेतु।
सत्ताईसवाँ अध्याय।
१ अब इस्राएल की सन्तानें उनकी संख्यानुसार, वो प्रमुख पित्र और हज़ारों और सौ-सौ के कप्तान, और उनके अफ्सर जिन्होंने राजा की किसी भी कार्यकाल की रीति में सेवा की, जो माह-प्रति-माह भीतर आते थे और बाहर चले जाते थे वर्ष के सभी महीनों में, प्रत्येक कार्यकाल में से थीं चौबीस हज़ार।
२ प्रथम कार्यकाल पर प्रथम माह के लिए था ज़ब्दीएल का बेटा यशोबेम: और उसके कार्यकाल में थे चौबीस हज़ार।
३ पेरेज़ की सन्तानों में से था वो प्रथम माह के सेना के समस्त कप्तानों का प्रमुख।
४ और दूसरे माह के कार्यकाल पर था दोदय एक अहोही, और उसके कार्यकाल वाला वो मिकलोथ भी निर्देशक था: इसी प्रकार उसके कार्यकाल में थे चौबीस हज़ार।
५ तीसरे माह के लिए सेना का वो तीसरा कप्तान यहोयदा का बेटा बेनाया, एक प्रमुख पुरोहित: और उसके कार्यकाल में थे चौबीस हज़ार।
६ यह वही बेनाया है जो उन तीसों के बीच शूरवीर था, और उन तीसों के ऊपर था: और उसके कार्यकाल में था उसका बेटा अम्मिज़बद।
७ चौथे माह के लिए वो चौथा कप्तान था योआब का भाई असहेल, और ज़ेबदिया उसका बेटा उसके बाद: और उसके कार्यकाल में थे चौबीस हज़ार।
८ पाँचवें माह के लिए वो पाँचवाँ कप्तान था शमहुत वो यिसहर-वंशज: और उसके कार्यकाल में थे चौबीस हज़ार।
९ छटे माह के लिए वो छटा कप्तान था इक्केष का बेटा आयरा वो तेकोई: और उसके कार्यकाल में थे चौबीस हज़ार।
१० सातवें माह के लिए वो सातवाँ कप्तान था हलज़ वो पलोनी एफ्रैम की सन्तानों में से: और उसके कार्यकाल में थे चौबीस हज़ार।
११ आठवें माह के लिए वो आठवाँ कप्तान सिबेक्काय वो हूशय-वंशज था, ज़ेरह-वंशजों में से ही: और उसके कार्यकाल में थे चौबीस हज़ार।
१२ नौवें माह के लिए वो नौवाँ कप्तान अबिएज़र वो अनथोथ-वाला था, बिन्यामिन-वंशजों में से: और उसके कार्यकाल में थे चौबीस हज़ार।
१३ दसवें माह के लिए वो दसवाँ कप्तान था महराय वो नतोफथी, ज़ेरह-वंशजों में से ही: और उसके कार्यकाल में थे चौबीस हज़ार।
१४ ग्यारहवें माह के लिए वो ग्यारहवाँ कप्तान एफ्रैम की सन्तानों वाला बेनाया वो पिराथुनि था: और उसके कार्यकाल में थे चौबीस हज़ार।
१५ बारहवें माह के लिए वो बारहवाँ कप्तान हेलदय वो नतोफथी था, ओतनिएल से: और उसके कार्यकाल में थे चौबीस हज़ार।
१६ इसके अतिरिक्त इस्राएल की प्रजातियों पर; रूबेन-वंशजों का राज्यपाल था ज़िकरी का बेटा एलाज़र: शिमोन-वंशजों से, मअका का बेटा शेफतिया:
१७ लेवी-वंशजों से, केमुएल का बेटा हशबिया: हारुन-वंशजों से ज़दोक:
१८ यहूदा से, एलीहू, दाऊद के भाई-जनो में से एक: इस्सकार से, मिखाएल का बेटा ओम्री;
१९ ज़बूलून से, ओबदिया का बेटा ईषमाया: नफ़्तली से, अज्रिएल का बेटा येरिमोथ:
२० एफ्रैम की सन्तानों से, अज़ज़िया का बेटा होशेअ: मनश्शे की अर्ध-प्रजाती से, पेदाया का बेटा योएल:
२१ गिलद में मनश्शे की अर्ध-प्रजाती से, ज़ेकर्या का बेटा इदो: बिन्यामिन से, अबनर का बेटा यआसिएल:
२२ दान से, यरोहम का बेटा अज़रील। यही इस्राएल की प्रजातियों के प्रमुख थे।
२३ परन्तु दाऊद ने उनकी गणना बीस वर्ष की आयु से लेकर और उस से कम की नहीं की: चूँकि प्रभु ने कह दिया था कि वो इस्राएल के स्वर्गों के सितारों के समान ही वृद्धी कर देंगे।
२४ ज़ेरुआया के बेटे योआब ने गणना करना आरम्भ तो किया, परन्तु उसने समाप्ति नहीं की, चूँकि उसके कारण इस्राएल के विरुद्ध आक्रोश आ पड़ा था; न ही वो गिनती राजा दाऊद के इतिहास के ग्रन्थ में डाली गई थी।
२५ और राजा के धन-कोषों पर अदीएल का बेटा अज़्मवथ नियुक्त थे: और खेतों में भण्डार-गृहों पर, और नगरों में, और गाँवों में, और किलों में उज़्ज़िया का बेटा येहोनेथन नियुक्त था:
२६ और केलूब का बेटा एज़्री उन पर नियुक्त था जो खेत के कार्य को धरती को जोतने हेतु किया करते थे:
२७ और अंगूर के खेतों पर शिमई वो रमत-वंशज था: अंगूर के खेतों की वृद्धी हेतु उन भू-तले अंगूर-रस के सार-गृहों पर ज़ब्दी वो शिफ़्मी था:
२८ और उन जैतून के पेड़ों पर और उन गूलर के पेड़ों पर जो कि उन निचले मैदानों में थे बअलहनन वो गदरी नियुक्त था: और तेल के उन भू-तले तेल-गृहों पर योअश नियुक्त था:
२९ और उन पशु-समूहों पर जो शरोन में चरा करते थे षितरय वो शरोन-वाला नियुक्त था: और उन पशु-समूहों पर जो घाटियों में थे अदलय का बेटा शफत नियुक्त था:
३० ऊँटो पर भी ओबिल वो इश्माएली नियुक्त था: और गधों पर यहदेया वो मरोनोथी नियुक्त था:
३१ और उन झुण्डों पर यज़िज़ वो हागारी नियुक्त था। यह सभी राजा दाऊद की उन सम्पत्तियों के अधिकारी थे।
३२ दाऊद का चाचा-ताऊ भी एक परामर्शदाता था, एक विद्वान पुरुष, और एक लिपिक: और हकमोनी का बेटा येईएल राजा के बेटों के साथ था:
३३ और अहिथोफल राजा का परामर्शदाता था: और हुशय वो अर्की राजा का सहयोगी था:
३४ और अहिथोफल के बाद येहोयदा का बेटा बेनाया था, और अबिथर: और सेना का सेनापति योआब था।
अट्ठाईसवाँ अध्याय।
१ और दाऊद ने यरूशलेम में इस्राएल के समस्त प्रमुखों को, प्रजातियों के प्रमुखों को, और कार्य-कालोंनुसार राजा की सेवा करने वाले उन गुटों के कप्तानों को, और हज़ारों पर कप्तानों को, और सौ-सौ पर कप्तानों को, और राजा की और उसके बेटों की समस्त सम्पत्तियों और अधिकारों के अधिकारियों को, अफ़सरों के साथ, और उन पराक्रमी पुरुषों के साथ, और उन समस्त शूरवीरों के साथ एकत्रित कर लिया।
२ तब राजा दाऊद अपने पैरों पर उठ कर खड़ा हो गया, और कहा, सुन लो मुझे, मेरे भाई-जनो, और मेरे लोगों: मेरे हृदय में प्रभु के प्रतिज्ञा-पत्र के संदूक के लिए और हमारे ईश्वर के पायदान के लिए एक विश्राम-गृह का निर्माण करना था, और उस इमारत हेतु तैयारी कर रहा था:
३ परन्तु ईश्वर ने मुझ से कहा, तुम मेरे नाम हेतु कोई घर नहीं बनाओगे, क्योंकि तुम तो एक युद्ध वाले आदमी रहे हो, और रक्त बहाया है।
४ तद्यपि इस्राएल के प्रभु ईश्वर ने मेरे पिता के समस्त घराने में से सदा के लिए इस्राएल पर मुझे राजा बनने हेतु चुन लिया: चूँकि उन्होंने शासन करने हेतु यहूदा को चुन लिया है; और यहूदा के घराने से, मेरे पिता का वो घराना; और मेरे पिता के बेटों के बीच उन्होंने मुझे चाहा समस्त इस्राएल पर राजा बना देने हेतु:
५ और मेरे सभी बेटों में से, चूँकि प्रभु ने मुझे कई बेटे प्रदान किए हैं, उन्होंने मेरे बेटे सुलेमान को चुन लिया है इस्राएल पर प्रभु के राज्य के सिंहासन पर बैठ जाने हेतु।
६ और उन्होंने मुझ से कहा, तुम्हारा बेटा सुलेमान, वही मेरे घर का और मेरे आँगनों का निर्माण करेगा: चूँकि मैं उसे ही मेरा बेटा बन जाने हेतु चुन लिया है, और मैं उसका पिता बनूँगा।
७ इसके अतिरिक्त मैं उसके राज्य को सदा के लिए स्थापित कर दूँगा, यदि वो मेरे आदेशों और मेरे न्याय-निर्धारणों को लगतार करता रहेगा, जैसा की इसी ही दिन ही।
८ इसलिए अब प्रभु की सभा समस्त इस्राएल की दृष्टि में, और हमारे ईश्वर की सुनवाई में, प्रभु अपने ईश्वर के समस्त आदेशों को रखते रहो और ढूँढते रहो: ताकि तुम इस अच्छी भूमी पर अधिकार रख लो, और इसे अपने बाद अपनी सन्तानों हेतु एक विरासत के लिए सदा-सदा के लिए प्रदान कर दो।
९ और तुम, सुलेमान मेरे बेटे, अपने पिता के ईश्वर से परिचित हो जाओ, और उनकी एक परिपूर्ण हृदय के साथ और एक इच्छुक मन के साथ सेवा करो: क्योंकि प्रभु समस्त हृदयों की खोज-बीन करते हैं, और विचारों की समस्त कल्पनाओं को समझते हैं: यदि तुम उन्हीं ढूँढोगे, वो तुम्हारे द्वारा पा लिए जाएँगे; परन्तु यदि तुम उनको त्याग दोगे, वो तुम्हें परे फैंक डालेंगे सदा-सदा के लिए।
१० ध्यान दे लो अब; क्योंकि प्रभु ने तुम्हें पुण्य-स्थान हेतु एक घर के निर्माण के लिए चुन लिया है: सुदृढ़ बनो, और इसे कर दो।
११ तब दाऊद ने सुलेमान अपने बेटे को प्रतिरूप प्रदान कर दिया बराम्दे का, और उसके गृहों का, और उसके धन-कोषों का, और उसके ऊपरी-कक्षों का, और उसके भीतरी गृहों का, और प्रेषण-आसन के स्थान का,
१२ और उस सभी के प्रतिरूप को जो उसके पास भावात्मा द्वारा था, प्रभु के गृह के आँगनों का, और उन सभी चारों-ओर वाले कक्षों का, ईश्वर के घर के धन-कोषों का, उन समर्पित-वस्तुओं के धन-कोषों का:
१३ पुरोहितों और लेवी-वंशजों के कार्यकालों हेतु भी, और प्रभु के गृह की सेवा हेतु उस समस्त कार्य के लिए, और प्रभु के घर में समस्त सेवाकार्य वाले पात्रों हेतु।
१४ सोने की वस्तुओं के लिए तोल-तोल कर सोना, समस्त रीति की सेवा हेतु समस्त यंत्रों के लिए; चाँदी भी तोल-तोल कर चाँदी के समस्त यंत्रों के लिए, समस्त प्रकार की सेवा हेतु समस्त यंत्रों के लिए:
१५ उन दीपाधारों के लिए ही वो सोना तोल-तोल कर, और उनके सोने के दीपकों के लिए, प्रत्येक दीपाधार के लिए तोल-तोल कर, और उसके दीपों के लिए: और चाँदी के दीपाधारों के लिए तोल-तोल कर, दीपाधार के लिए, और उसके दीपों के लिए भी, प्रत्येक दीपाधार के प्रयोग के अनुसार ही।
१६ और तोल-तोल कर ही भेंट की रोटी की मेज़ के लिए सोना, प्रत्येक मेज़ के लिए ही; और इसी प्रकार ही चाँदी की मेज़ों के लिए चाँदी:
१७ माँस-काँटों, और कटोरों, और प्यालों के लिए शुद्ध स्वर्ण भी: और स्वर्ण कटोर-दानों के लिए तोल-तोल कर प्रत्येक कटोर-दान के लिए; और प्रत्येक चाँदी के कटोर-दान के लिए तोल-तोल कर:
१८ और सुगन्धित-धूप की बलिवेदी के लिए परिशोधित सोना तोला हुआ; और उस चेरुबिमों के रथ के प्रतिरूप के सोने के लिए, जो फैला कर, प्रभु के प्रतिज्ञा-पत्र के संदूक को ढकते हैं।
१९ इस सभी की, प्रभु ने ही मुझे समझ प्रदान की लिखित रूप से मेरे ऊपर उनके हाथ के द्वारा ही, इसी प्रतिरूप के सभी कार्यों की ही।
२० और दाऊद ने अपने सुलेमान से कहा, दृढ़ता और अच्छे शौर्य वाले बनो, और इसे कर दो: डरो मत, न ही निराश हो: चूँकि प्रभु ईश्वर, मेरे ईश्वर ही तुम्हारे साथ रहेंगे; वो तुम्हें विफल नहीं करेंगे, न ही तुम्हारा त्याग करेंगे, जब तक कि तुमने प्रभु के घर की सेवा का समस्त कार्य समाप्त नहीं कर दिया होगा।
२१ और देखो, पुरोहितों और लेवी-वंशजों के कार्यकाल, ईश्वर के घर की समस्त सेवा हेतु ही: और तुम्हारे साथ ही प्रत्येक प्रकार की कारीगरी हेतु प्रत्येक इच्छुक निपुण पुरुष, किसी भी प्रकार की सेवा हेतु ही: अध्यक्ष-गण भी और सभी लोग तुम्हारे ही आदेश पर ही।
उन्नत्तीसवाँ अध्याय।
१ इसके अतिरिक्त राजा दाऊद ने समस्त सभा से कहा, सुलेमान मेरा बेटा, जिसे ही केवल ईश्वर ने चुन लिया है, एक युवक और कोमल ही है, और वो कार्य विशाल है: क्योंकि वो महल आदमी के लिए नहीं, बल्कि प्रभु ईश्वर के लिए है।
२ मैंने अब अपने समस्त बल के साथ मेरे ईश्वर के घर हेतु सोने की सोने के लिए ही, और चाँदी की चाँदी के लिए ही, और पीतल की पीतल के लिए ही, लोहे की लोहे के लिए ही, और लकड़ी की लकड़ी के लिए तैयारी कर दी है; गोमेद के पत्थर, और जड़ने के लिए पत्थर, रंगीले पत्थर, और भिन्न-भिन्न रंगों वाले, और प्रत्येक प्रकार के अनमोल रत्न, और संगमरमर के पत्थर बहुतायत से।
३ इसके अतिरिक्त, चूँकि मैंने अपने ईश्वर के घर के प्रति अपनी स्वीकृति स्थित कर दी है, मैंने अपनी स्वयं की ही निजी सम्पत्ती में से, और सोने और चाँदी में से, जो मैंने अपने ईश्वर के घर के लिए प्रदान कर दिया है, उस सभी से अत्याधिक मैंने इस पवित्र घर के लिए तैयार कर दिया है,
४ यहाँ तक कि तीन हज़ार सोने के तलनतन भार, ओफ़र के सोने के, और सात हज़ार तलनतन भार परिशुद्ध चाँदी के, घरों की दीवारों पर पलस्तर चढ़ाने हेतु:
५ सोना सोने की वस्तुओं के लिए, और वो चाँदी उन चाँदी की वस्तुओं के लिए, और उस समस्त प्रकार के कार्य के लिए कारीगारों के हाथों। और कौन इस दिन अपनी सेवा को प्रभु के प्रति समर्पित करने की स्वैच्छिकता रखता है?
६ तब पित्रों के प्रमुखों ने, और इस्राएल की प्रजातियों के अध्यक्षों ने, और हज़ारों और सौ-सौ पर कप्तानों ने, राजा के कार्य के अध्यक्षों के साथ-साथ स्वैच्छिकता से अर्पण कर दिया,
७ और ईश्वर के घर की सेवा के लिए सोने के पाँच हज़ार तलनतन भार और दस हज़ार मुद्राएँ, और चाँदी के दस हज़ार तलनतन भार, और पीतल के अट्ठारह हज़ार तलनतन भार, और लोहे के एक लाख तलनतन भार प्रदान कर दिए।
८ और उन्होंने जिनके पास रत्न पाए गए थे उन्हें प्रभु के घर के धन-कोष को प्रदान कर दिए, येईएल उस गेरशौनी के हाथ द्वारा।
९ तब लोगों ने हर्ष मनाया, कि उन्होंने स्वैच्छिकता से अर्पण कर दिया था, क्योंकि परिपूर्ण हृदय से ही उन्होंने स्वैच्छिकता से ही प्रभु के प्रति अर्पण किया था: और राजा दाऊद ने भी बहुत हर्ष के साथ ही हर्षोल्लास मनाया।
१० इस कारण वश दाऊद ने प्रभु को आशीष दिया समस्त सभा के समक्ष ही: और दाऊद ने कहा, धन्य हों आप, इस्राएल के प्रभु ईश्वर, सदा सदा के लिए।
११ आप ही की, हे प्रभु, है महानता, और वो शक्ती, और वो महिमा, और वो विजय, और वो राजस्य: क्योंकि वो सभी जो स्वर्ग में है और पृथ्वी में है आप ही का है; आप ही का है वो राज्य, हे प्रभु, और आप ही समस्तता पर शीर्ष पदोन्नत हैं।
१२ दोनो धन-धान्य और सम्मान आप ही से आते हैं, और आप ही समस्तता पर राज करते हैं; और आप ही के हाथ में ही शक्ती और बल हैं; और आप ही के हाथ में ही विशाल बना देना, और सभी को शक्ती प्रदान कर देना है।
१३ इसलिए अब, हमारे ईश्वर, हम आपको धन्यवाद देते हैं, और आपके गौरवशाली नाम की प्रशन्सा करते हैं।
१४ परन्तु मैं कौन हूँ जी, और मेरे लोग क्या हैं, कि हम इस प्रकार से इतनी स्वैच्छिकता से अर्पण करने का सामर्थ्य रख सकें? चूँकि सभी कुछ आप ही से तो आता है, और आपके अपने से ही तो हमने आपको प्रदान किया है जी।
१५ क्योंकि हम तो आपके समक्ष परदेशी हैं, और अल्पवासी, जैसे थे हमारे सभी पित्र: पृथ्वी पर हमारे दिन एक परछाई के समान ही हैं जी, और कोई भी स्थायी-निवास नहीं रखता है।
१६ हे प्रभु हमारे ईश्वर, यह समस्त भण्डार जो हमने उद्यत कर दिया है आपके पवित्र नाम के लिए एक घर के निर्माण हेतु आप ही के हाथ से आया है, और यह सभी आप ही का है।
१७ मैं यह भी जानता हूँ, मेरे ईश्वर, कि आप हृदय को परखते हैं, और शुचिता में आनंदित होते हैं। जहाँ तक मेरी बात आती है, मेरे ही हृदय की शुचिता में ही मैंने स्वैच्छिकता से इस सभी वस्तुओं को अर्पित कर दिया है: और अभी ही मैंने हर्षितता के साथ आपके लोगों को देख लिया है, यो यहीं उपस्थित हैं, आपके प्रति स्वैच्छिकता से अर्पण कर देने हेतु।
१८ हे अब्राहम, इसहाक, और इस्राएल, हमारे पित्रों के प्रभु ईश्वर, इसे सदैवत्वता के लिए अपने लोग-गणों के हृदय के विचारों की कल्पना में रख दें, और उनके हृदय को आपके प्रति उद्यत कर दें:
१९ और मेरे बेटे सुलेमान को एक परिपूर्ण हृदय प्रदान कर दें, आपके आदेशों, और आपके साक्षयों, और आपके अध्यादेशों का अनुपालन करने हेतु, और इन सभी बातों को क्रियान्वित कर देने हेतु, और उस महल का निर्माण कर देने हेतु, जिसके लिए मैंने उपलब्धी कर दी है जी।
२० और दाऊद ने समस्त सभा से कहा, अब प्रभु अपने ईश्वर को आशीष दे दो। और समस्त सभा ने उनके पित्रों के प्रभु ईश्वर को आशीष दे दिया, और अपने सरों को नीचे झुका दिया, और प्रभु, और राजा की आराधना की।
२१ और उन्होंने प्रभु के प्रति बलियों की बलि चढ़ाई, और प्रभु के प्रति जले-चढ़ावों को चढ़ाया, उस दिन से अगले दिन, एक हज़ार साँड ही, एक हज़ार मेढ़े, और एक हज़ार मेमने, उनके पेय चढ़ावों के साथ, और बहुतायतता में आहुतियाँ समस्त इस्राएल के लिए ही:
२२ और उस दिन अति-प्रसन्नता के साथ प्रभु के सम्मुख ही खाया और पीया। और उन्होंने राजा दाऊद के बेटे सुलेमान को दूसरी बार राजा बनाया, और उसका प्रभु के प्रति अभिषेक कर दिया प्रमुख राज्यपाल बनने हेतु, और ज़दोक को पुरोहित।
२३ तब सुलेमान प्रभु के सिंहासन पर राजा के रूप में उसके पिता दाऊद के स्थान में बैठ गया, और उन्नत हुआ; और समस्त इस्राएल ने उसे माना।
२४ और समस्त प्रमुखों ने, और पराक्रमी पुरुषों ने, और राजा दाऊद के समस्त बेटों ने इसी प्रकार ही, स्वयं को राजा सुलेमान के प्रति आधीन कर लिया।
२५ और प्रभु ने सुलेमान को समस्त इस्राएल की दृष्टि में अत्याधिकता से आवर्धित किया, और उस पर ऐसा राजसी राज-प्रताप प्रदान किया जैसा कि उस से पहले इस्राएल में किसी भी राजा पर नहीं किया गया था।
२६ तो इस प्रकार यिशय के बेटे दाऊद ने समस्त इस्राएल पर राज किया।
२७ और वो समय जो उसने इस्राएल पर राज किया था चालीस वर्ष था; सात वर्ष उसने हेब्रोन में राज किया था, और तैंतीस वर्ष उसने यरूशलेम में राज किया था।
२८ और उसका देहान्त एक अच्छी वृद्ध आयु में हुआ, दिनो, धन-धान्यों, और सम्मान से भरपूर: और उसके बेटे सुलेमान ने उसके स्थान में राज किया।
२९ तो अब राजा दाऊद के कार्य, प्रथम और अन्तिम, देखो तो, वो शमुएल उस भविष्य-दर्शक की पुस्तक में, और पैग़म्बर नेथन की पुस्तक में, और उस भविष्य-दर्शक गद की पुस्तक में लिखे हुए हैं,
३० उसके समस्त राज और उसके बल, और उस समय के साथ जो उस पर, और इस्राएल पर, और देशों के समस्त राज्यों पर बीते थे।
१२/२४/२०२५:
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